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इजराइली इतिहासकार का नेतन्याहू और ट्रम्प पर बड़ा बयान, कहा- तानाशाही सोच से दुनिया पीछे जा रही
नई दिल्ली: इजराइल और अमेरिका की राजनीति को लेकर एक इजराइली इतिहासकार के बयान ने नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा दुश्मन बताया है। साथ ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि दुनिया उनके सामने घुटने टेके।
इतिहासकार के मुताबिक, आज दुनिया में राष्ट्रवाद के नाम पर ऐसी राजनीति बढ़ रही है, जो लोकतंत्र, संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रता को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि सच्चा राष्ट्रवाद देश की जनता, संविधान और संस्थाओं को मजबूत करता है, लेकिन सत्ता को बचाने वाली राजनीति राष्ट्रहित को नुकसान पहुंचा सकती है।
नेतन्याहू को लेकर उन्होंने कहा कि इजराइल में लंबे समय से चल रही राजनीतिक स्थिति और युद्ध से जुड़ी नीतियों ने समाज को गहरे विभाजन की ओर धकेला है। उनका दावा है कि सुरक्षा और राष्ट्रवाद के नाम पर लिए गए फैसलों से लोकतांत्रिक ढांचे पर दबाव बढ़ा है।
वहीं ट्रम्प पर टिप्पणी करते हुए इतिहासकार ने कहा कि उनकी राजनीति ताकत दिखाने और दुनिया को अपने प्रभाव में रखने की सोच पर आधारित है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरनाक बताया और कहा कि इस तरह की तानाशाही प्रवृत्ति से दुनिया आगे बढ़ने के बजाय पीछे जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल-अमेरिका की राजनीति पर ऐसे बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी बहस पैदा करते हैं, क्योंकि दोनों देशों की नीतियों का असर पश्चिम एशिया, यूरोप और वैश्विक कूटनीति पर पड़ता है।
फिलहाल इतिहासकार के इस बयान के बाद नेतन्याहू और ट्रम्प समर्थकों की प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है। यह मुद्दा राष्ट्रवाद, लोकतंत्र और वैश्विक नेतृत्व की दिशा पर नई चर्चा को जन्म दे सकता है।

