नई दिल्ली:
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला फिलहाल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर रहकर पृथ्वी की 16 बार सूर्योदय और 16 बार सूर्यास्त की झलकें प्रतिदिन देख रहे हैं। यह दृश्य न केवल दुर्लभ है, बल्कि अत्यंत प्रेरणादायक भी। वह अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी Axiom Space की Ax-4 मिशन टीम के सदस्य हैं और इस समय माइक्रोग्रैविटी यानी शून्य गुरुत्वाकर्षण की स्थिति में खुद को ढालने में लगे हुए हैं।
उनका पहला दिन ISS में अपने अस्थायी अंतरिक्ष गृह को व्यवस्थित करने और ‘ग्रेस कैप्सूल’ से जरूरी सामान स्थानांतरित करने में बीता। अब दूसरे दिन से वह वैज्ञानिक प्रयोगों की तैयारी में जुट गए हैं। NASA के अनुसार, उन्होंने प्रयोगों के लिए उपकरण और सैंपल निर्धारित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया है।
टीम वर्क और सुरक्षा अभ्यास
Ax-4 टीम ने ISS पर पहले से मौजूद Expedition 73 दल के साथ समन्वय बनाना शुरू कर दिया है। दोनों टीमें मिलकर सुरक्षा प्रक्रियाओं, आपात स्थिति में भूमिका निर्धारण, और मिशन कंट्रोल से संपर्क प्रोटोकॉल जैसे विषयों पर प्रशिक्षण ले रही हैं। इस दौरान ड्रैगन यान से उच्च प्राथमिकता वाले सामानों जैसे कि वैज्ञानिक सामग्री, सुरक्षा उपकरण और आवश्यक उपकरणों को स्टेशन पर ट्रांसफर किया गया।
Axiom Space की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि अंतरिक्ष यात्री धीरे-धीरे नई दिनचर्या में ढल रहे हैं और प्रयोगों की रूपरेखा को अंतिम रूप दे रहे हैं। आने वाले दिनों में कई वैज्ञानिक और तकनीकी परीक्षणों को शुरू करने की योजना है।
Peggy Whitson की भावुक तस्वीर
मिशन की एक वरिष्ठ सदस्य पेगी व्हिटसन ने पृथ्वी की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “मैंने इस दृश्य को बहुत मिस किया।” इस पोस्ट ने अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखने के अनुभव की भावुकता को उजागर किया।
ISS पर 11 अंतरिक्ष यात्री, टीम को मिला नया नाम: Space-11
फिलहाल, स्टेशन पर कुल 11 अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं, इसलिए यह टीम “Space-11” के रूप में जानी जा रही है। सभी सदस्य एक-दूसरे के साथ सामंजस्य बैठाने और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में व्यस्त हैं। नियमित अनुसंधान के साथ-साथ स्वास्थ्य जांच, चंद्रमा की फोटोग्राफी, और जीवन रक्षक प्रणालियों की देखरेख जैसी गतिविधियाँ भी चल रही हैं।

