Site icon CHANNEL009

अखिलेश यादव का सरकार पर हमला: पूछा – “सीजफायर ट्रम्प के कहने पर हुआ? नींबू-मिर्च वाले कितने विमान उड़े?”

नई दिल्ली।
संसद के मानसून सत्र में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने पुलवामा और पहलगाम हमलों के बाद हुए सीजफायर पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने जब सेना बड़ी कार्रवाई कर रही थी, तब अचानक पीछे क्यों हट गई?


🔸 ट्रम्प के कहने पर सीजफायर?

अखिलेश यादव ने कहा,

“जब सेना ने आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया और पाकिस्तान एयरबेस तक को निशाना बनाया, तो लग रहा था कि अब कराची-लाहौर भी हमारे हो जाएंगे। लेकिन अचानक सीजफायर क्यों किया गया?
क्या ये फैसला ट्रम्प साहब के कहने पर हुआ? किस दबाव में सरकार पीछे हटी?”


🔸 नींबू-मिर्च वाले विमान उड़ पाए?

उन्होंने तंज कसते हुए पूछा –

“जिन विमानों को नींबू-मिर्च लगाकर पूजा की गई थी, उनमें से कितने विमान असल में उड़े? सरकार बताएं।”


🔸 चीन से भी खतरा, सिर्फ पाकिस्तान की बात क्यों?

अखिलेश यादव ने कहा कि

“पाकिस्तान से तो खतरा है ही, लेकिन चीन से भी उतना ही बड़ा खतरा है।
चीन न सिर्फ हमारी जमीन बल्कि बाजार भी छीन रहा है। अगर पाकिस्तान खतरा है, तो चीन राक्षस है।


🔸 सीमाओं और सुरक्षा पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा,

  • सीमाओं पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है

  • गलवान की घटना के बाद भी हालात नहीं सुधरे

  • सरकार को विदेश नीति पर फिर से सोचना होगा

  • देश को ट्रेडर बना दिया गया है, जिससे महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ा है


🔸 इंटेलिजेंस फेलियर और ऑपरेशन महादेव पर सवाल

अखिलेश ने कहा कि पहलगाम और पुलवामा हमलों में
इंटेलिजेंस फेलियर सामने आया, लेकिन सरकार बताने को तैयार नहीं कि ऐसा क्यों हुआ?

उन्होंने ऑपरेशन महादेव को लेकर भी कहा:

“जब आतंकियों की जानकारी पहले से थी, तो एनकाउंटर अभी ही क्यों हुआ?
अगर तकनीक इतनी मजबूत है, तो पुलवामा में जो आरडीएक्स वाली गाड़ी थी, उसका रास्ता आज तक क्यों नहीं पता चला?”


🔸 अग्निवीर योजना पर भी उठाए सवाल

अखिलेश ने मांग की कि

“अगर सरकार सच में सेना को मजबूत करना चाहती है तो अग्निवीर योजना वापस ले
देश की सुरक्षा के लिए फुलटाइम, प्रशिक्षित और स्थायी सैनिक जरूरी हैं।”


निष्कर्ष:
अखिलेश यादव ने अपने भाषण में कई तीखे सवाल उठाकर सरकार की सीमा सुरक्षा, विदेश नीति, और आतंकवाद पर कार्रवाई को लेकर गंभीर आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर कुछ व्यापारियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

Exit mobile version