
किन जिलों को होगा फायदा?
इस मदद से कोटा, बूंदी और टोंक जिलों में चल रहे 84 सिंचाई सुधार कार्यों को तेजी मिलेगी।
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ये काम आरआरआर योजना (मरम्मत, सुधार और पुनर्स्थापन) के तहत किए जा रहे हैं।
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राज्य सरकार भी इसमें करीब 11 करोड़ रुपए का योगदान देगी, जिससे कुल 27.50 करोड़ की लागत से यह काम पूरे होंगे।
कितना हुआ काम और कितना फायदा मिलेगा?
अब तक इस परियोजना का 65% काम पूरा हो चुका है।
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परियोजना पूरी होने पर 4,404 हेक्टेयर जमीन फिर से सिंचित हो सकेगी।
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इससे 2.16 लाख किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
कुल लागत और योजना का उद्देश्य
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पूरी परियोजना की लागत 142.92 करोड़ रुपए है।
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इसमें 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार योगदान कर रही है।
मंत्री का बयान
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि “हर खेत तक पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और जीवन में सुधार आएगा।”
उन्होंने बताया कि इससे ‘वंदेगंगा जल संरक्षण अभियान’ को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
यह योजना राजस्थान के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा सकारात्मक कदम साबित होगी।
