
देरी ने बचाई जान
महादेव जानकर ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि हादसे से कुछ दिन पहले उन्होंने अजित पवार से बातचीत की थी। पवार ने कहा था कि वे दोनों साथ में बारामती जाएंगे। 28 जनवरी की सुबह दोनों एक ही विमान से जाने वाले थे, लेकिन मुंबई पहुंचने में देरी के कारण जानकर विमान में नहीं चढ़ पाए। उन्होंने कहा, “अगर मैं समय पर पहुंच जाता, तो आज मैं भी इस दुनिया में नहीं होता। नियति ने मुझे बचा लिया।”
अजित पवार का निधन
जानकर ने बताया कि अजित पवार का निधन महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने पवार को एक कर्मठ और दूरदर्शी नेता बताया।
हादसे का विवरण
28 जनवरी की सुबह करीब 8:10 बजे अजित पवार का निजी विमान मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ था। उन्हें वहां जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के प्रचार के लिए चार जनसभाओं को संबोधित करना था। लेकिन विमान बारामती रनवे से 50 मीटर की दूरी पर क्रैश हो गया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि कोहरे और तकनीकी खराबी हादसे की वजह हो सकती है। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोग मारे गए, जिनमें अजित पवार, उनके सुरक्षा रक्षक विदीप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक शामिल थे।
ब्लैक बॉक्स से जांच
दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स खोला गया और डेटा निकालने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे पता चलेगा कि हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या कोई अन्य कारण था। डेटा मिलने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा। महाराष्ट्र सरकार ने भी इस हादसे की CID जांच के आदेश दिए हैं।
