
नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन में कई बड़े सपा नेता शामिल हुए। उन्होंने नगर निगम पर आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है और सिर्फ कुछ जगहों को ही निशाना बनाया जा रहा है।
एक समुदाय को टारगेट करने का आरोप
सपा नेताओं ने कहा कि अभियान के नाम पर एक खास समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनके मुताबिक कुछ इलाकों में तोड़फोड़ की जा रही है, जबकि अन्य जगहों पर कार्रवाई नहीं हो रही।
पारदर्शी कार्रवाई की मांग
नेताओं ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया सभी जगह एक जैसी और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भेदभाव जारी रहा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में दिखी अंदरूनी खींचतान
प्रदर्शन के दौरान पार्टी के अंदर मतभेद भी नजर आए। नेता अलग-अलग समूहों में दिखे, जिससे एकजुटता की कमी साफ दिखाई दी।
कुल मिलाकर, इस मुद्दे को लेकर आने वाले समय में राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
