अप्रैल में थोक महंगाई बढ़कर 8.30% पहुंची, आम लोगों पर बढ़ा खर्च का दबाव
देश में महंगाई ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल महीने में थोक महंगाई दर बढ़कर 8.30% तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजमर्रा के सामान, फ्यूल और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी इसका बड़ा कारण मानी जा रही है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर भी वैश्विक बाजार पर दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन पर दबाव का सीधा असर भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
थोक महंगाई बढ़ने से खाने-पीने की चीजें, परिवहन और ऊर्जा से जुड़ी लागत में इजाफा हुआ है। इसका असर आने वाले समय में खुदरा बाजार और आम उपभोक्ताओं पर भी दिखाई दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहते हैं तो पेट्रोल-डीजल, गैस और जरूरी सामानों की कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है। वहीं सरकार और रिजर्व बैंक की नीतियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, महंगाई में बढ़ोतरी से आम लोगों के घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है, खासकर मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिलहाल सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

