
जयपुर में अब जलधारा गार्डन के फव्वारे, झरने और कृत्रिम झीलें जयपुर डेयरी के साफ किए गए (ट्रीटेड) पानी से चलेंगी। इसके लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने जयपुर डेयरी के जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट से हर महीने 2 लाख लीटर पानी की मांग की थी, जिसे डेयरी प्रशासन ने मंजूर कर लिया है। पानी की सप्लाई अगले महीने से शुरू हो जाएगी।
जयपुर डेयरी के प्रबंध निदेशक मनीष फौजदार ने बताया कि यह पहल ‘वंदे गंगा अभियान’ के तहत की जा रही है, जो जल और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का काम कर रहा है।
जयपुर डेयरी का ट्रीटमेंट प्लांट
-
डेयरी में 12 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट है।
-
इस प्लांट पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
-
इससे डेयरी का इस्तेमाल हो चुका पानी साफ करके दोबारा उपयोग में लाया जा रहा है।
कहां-कहां हो रहा ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल?
-
एमएनआइटी परिसर में सिंचाई के लिए: 2 लाख लीटर प्रतिदिन
-
जवाहर सर्कल गार्डन में सिंचाई के लिए: 4 लाख लीटर प्रतिदिन
-
6 लाख लीटर पानी का उपयोग डेयरी में मशीनें धोने, गार्डन की सिंचाई और अन्य कार्यों में हो रहा है।
-
अब बचे हुए 2 लाख लीटर पानी का उपयोग जलधारा परिसर के फव्वारों, गार्डन और झीलों में किया जाएगा।
यह योजना न सिर्फ पानी की बचत करेगी, बल्कि शुद्ध जल के संरक्षण में भी मददगार साबित होगी।
