
जिले में अवैध खनन करने वालों की अब खैर नहीं। जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने साफ शब्दों में कहा है कि अब अवैध खनन की शिकायतें सिर्फ फाइलों तक नहीं रहेंगी, बल्कि सख्त कार्रवाई भी होगी। बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट में टास्क फोर्स की अहम बैठक में अफसरों को दो टूक चेतावनी दी गई कि किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई तो सीधे उन पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कलेक्टर का सख्त रुख:
कलेक्टर असावा ने कहा, “अब जिले में कहीं भी अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” अगर किसी अधिकारी ने जानबूझ कर नजरअंदाज किया, तो उस पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
इस बैठक में एसपी मनीष त्रिपाठी, एडीएम नरेश बुनकर, एसीएफ श्रीकिशन, एमई और परिवहन विभाग के कई अधिकारी शामिल हुए।
हर हफ्ते 2 बार औचक निरीक्षण अनिवार्य:
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खान, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम हफ्ते में दो बार निरीक्षण करेगी।
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अब सिर्फ जुर्माना नहीं, एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
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‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत काम होगा।
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हर दबिश और जांच प्रभावशाली होनी चाहिए।
चंद्रभागा नदी पर भी हुई सख्त चर्चा:
चंद्रभागा नदी क्षेत्र में हुए अवैध खनन पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और मौके पर जाकर तुरंत कार्रवाई करने को कहा।
खनन लीज़ का निरीक्षण अनिवार्य:
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सभी एमई अधिकारियों को कम से कम 20 खनन लीज़ की जांच करनी होगी।
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जहां भी गड़बड़ी दिखे, वहां तुरंत रिपोर्ट बनाकर कार्रवाई करें।
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परिवहन विभाग को आदेश: ओवरलोड या बिना दस्तावेज के वाहनों के लाइसेंस व आरसी रद्द किए जाएं।
पहाड़ों और जंगलों पर भी नजर:
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पहाड़ों पर हो रही अवैध खुदाई पर भी तुरंत कार्रवाई के आदेश।
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वन विभाग को निर्देश: लकड़ी तस्करी पर सख्त नजर रखें और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग करें।
पुलिस रहेगी अलर्ट मोड में:
एसपी मनीष त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस हर सूचना पर तेजी से कार्रवाई करेगी और खनन माफिया को पनपने नहीं दिया जाएगा।
अगले कदम क्या होंगे?
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जिले के हर ब्लॉक में खनन निगरानी टीम बनाई जाएगी।
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गुप्त सूचना तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
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हर महीने समीक्षा बैठक होगी और अधिकारियों का प्रदर्शन देखा जाएगा।
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स्कूलों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
कलेक्टर का साफ संदेश:
अब अवैध खनन करने वालों के लिए कोई माफी नहीं। जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई निश्चित है। प्रशासन पूरी तरह तैयार है – अब सिर्फ खुदाई नहीं, कार्रवाई चलेगी।
