

नई दिल्ली – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक खातों की KYC (नो योर कस्टमर) प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नए नियमों की घोषणा की है। ये नियम 1 जनवरी 2026 से लागू होंगे। इससे आम ग्राहकों को KYC अपडेट में आसानी होगी और खातों के फ्रीज होने का खतरा कम होगा।

नए नियमों की खास बातें
🔹 किराना दुकानों से भी KYC अपडेट
अब ग्राहक अपने नजदीकी किराना दुकानदार (बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट) के पास जाकर बायोमेट्रिक e-KYC और सेल्फ डिक्लेरेशन से KYC अपडेट कर सकते हैं, अगर जानकारी में बदलाव नहीं हुआ है या केवल पता बदला है।
🔹 कम जोखिम वाले ग्राहकों को राहत
जिन ग्राहकों का खाता लो-रिस्क में आता है, उन्हें 30 जून 2026 या ड्यू डेट के एक साल बाद तक, जो भी देर से हो, KYC अपडेट करने की छूट मिलेगी। इस बीच उनका खाता चालू रहेगा।
🔹 डिजिटल और ऑफलाइन विकल्प
अगर ग्राहक की जानकारी में कोई बदलाव नहीं है, तो वह मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग या ऑफलाइन तरीकों से बिना डॉक्यूमेंट के सेल्फ डिक्लेरेशन दे सकता है।
आधार OTP आधारित e-KYC और वीडियो KYC (V-CIP) को भी मंजूरी दी गई है।
🔹 बैंकों को तीन बार रिमाइंडर भेजने होंगे
RBI ने बैंकों को कहा है कि वे KYC अपडेट के लिए कम से कम 3 बार रिमाइंडर भेजें, जिनमें एक पत्र होना जरूरी है। इन रिमाइंडरों में पूरी जानकारी, सहायता के लिए नंबर और KYC न कराने के नुकसान बताए जाएं।
🔹 गांवों में KYC कैंप होंगे
बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में KYC कैंप लगाएं और जहां KYC लंबित है, वहां विशेष अभियान चलाएं।
ग्राहकों को कैसे मिलेगा फायदा
✅ बैंक जाने की जरूरत कम होगी
✅ डिजिटल विकल्पों से समय और मेहनत बचेगी
✅ दस्तावेज बार-बार देने की झंझट नहीं
✅ खाते के फ्रीज होने की चिंता नहीं
✅ खासकर गांव में रहने वाले और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए फायदेमंद
RBI का उद्देश्य
RBI का कहना है कि ये बदलाव फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए किए गए हैं, साथ ही इससे ग्राहक सेवा बेहतर होगी। KYC प्रक्रिया को ग्राहक अनुकूल और सरल बनाना RBI का लक्ष्य है।
विशेषज्ञों की राय
बैंकिंग विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम सही समय पर लिया गया है। इससे ग्रामीण इलाकों तक बैंकिंग की पहुंच बढ़ेगी और ग्राहकों को परेशानी से राहत मिलेगी।
नया नियम कब से लागू होगा?
📅 1 जनवरी 2026 से ये नियम पूरे देश में लागू होंगे। बैंकों को तब तक अपनी तैयारियां पूरी करनी होंगी।
निष्कर्ष:
RBI का यह कदम डिजिटल और समावेशी बैंकिंग को बढ़ावा देगा और लाखों लोगों के लिए बैंकिंग को और आसान बना देगा।
