अभिषेक बनर्जी FIR रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे
चुनाव प्रचार में भड़काऊ भाषण के आरोप में केस, 21 मई को हो सकती है सुनवाई
तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे हैं। यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषण से जुड़ा है। आरोप है कि उनके बयान से माहौल खराब हो सकता था, जिसके आधार पर पुलिस में केस दर्ज किया गया।
अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर याचिका में FIR को निराधार बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई है। उनका पक्ष है कि चुनावी सभा में दिए गए बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और राजनीतिक कारणों से मामला दर्ज किया गया।
मामले की सुनवाई 21 मई को हो सकती है। कोर्ट इस दौरान यह देखेगा कि FIR में लगाए गए आरोप कानून के तहत आगे जांच योग्य हैं या नहीं। अगर अदालत को लगेगा कि केस में पर्याप्त आधार नहीं है, तो FIR रद्द करने पर विचार किया जा सकता है।
चुनावी माहौल में नेताओं के भाषणों को लेकर विवाद लगातार बढ़ते रहे हैं। कई बार विपक्षी दल एक-दूसरे पर भड़काऊ बयान देने, मतदाताओं को प्रभावित करने या माहौल बिगाड़ने के आरोप लगाते हैं। ऐसे मामलों में चुनाव आयोग और अदालत की भूमिका अहम हो जाती है।
बड़ी बात
अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अब सबकी नजर 21 मई की संभावित सुनवाई पर रहेगी, जहां अदालत तय करेगी कि मामला आगे बढ़ेगा या FIR रद्द होगी।

