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अमेरिका में दो पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रैकेट उजागर, फर्जी नौकरियों और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में एफबीआई ने दबोचा

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वॉशिंगटन/टेक्सास: अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने दो पाकिस्तानी नागरिकों को टेक्सास से गिरफ्तार किया है, जिन पर अमेरिकी वीजा प्रणाली का दुरुपयोग कर फर्जी इमिग्रेशन स्कीम चलाने और धोखाधड़ी से कमाई करने के संगीन आरोप लगे हैं। ये दोनों कथित तौर पर नकली जॉब ऑफर, झूठे विज्ञापन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों के ज़रिए अमेरिकी इमीग्रेशन सिस्टम को चकमा दे रहे थे।


कौन हैं आरोपी?

गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

इन पर टेक्सास स्थित एक लॉ फर्म और ‘रिलायबल वेंचर्स इंक’ नाम की कंपनी के जरिए संयुक्त राज्य अमेरिका के इमिग्रेशन नियमों को तोड़ने और धोखाधड़ी से धन अर्जित करने के आरोप लगे हैं। मुर्शिद पर अवैध रूप से अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने की कोशिश का भी गंभीर आरोप है।


कैसे करते थे वीजा फ्रॉड?

एफबीआई के अनुसार, ये लोग ईबी-2, ईबी-3 और एच-1बी वीजा प्रोग्राम्स का इस्तेमाल करके विदेशी नागरिकों को अमेरिका लाने की साजिश रचते थे। इसके लिए वे:

इसके बाद वे वीजा लेने वालों से मोटी रकम वसूलते और उस पैसे को नकली सैलरी के रूप में दर्शाकर मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम देते।


एफबीआई डायरेक्टर का बयान

एफबीआई डलास ब्रांच के निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:

“यह एक बड़ा खुलासा है — इन्होंने वर्षों से अमेरिकी कानून को धोखा देकर एक संगठित आपराधिक नेटवर्क चलाया। हमारे जांच अधिकारियों और एजेंसियों के सहयोग के लिए धन्यवाद।”


अब क्या होगा?

अब्दुल हादी मुर्शिद और मुहम्मद सलमान नासिर को 23 मई को अदालत में पेश किया गया, जहां अभियोजन पक्ष ने उन्हें मुकदमे तक हिरासत में रखने की मांग की। अगली सुनवाई 30 मई को तय की गई है। यदि दोषी पाए जाते हैं, तो:


निष्कर्ष: वीजा सिस्टम की कमजोरी को बनाया धंधा

यह मामला दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग अमेरिकी वीजा प्रणाली की तकनीकी जटिलताओं का फायदा उठाकर पूरे सिस्टम को धोखा देने की साजिश रचते हैं। FBI की ये कार्रवाई केवल दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक ऐसे जाल का पर्दाफाश है, जो नकली सपनों के सहारे अवैध इमिग्रेशन को बढ़ावा देता है।

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