वॉशिंगटन/नई दिल्ली: भारत में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर न्यायोचित ठहराने और पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करने के लिए कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। अपनी वाकपटुता, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और बेबाक अंदाज़ के लिए मशहूर थरूर ने अमेरिका में भारत का पक्ष मजबूती से रखा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति को वैश्विक समर्थन दिलाने की कोशिश की।
थरूर बोले – पाकिस्तान को मिलेगा अब सटीक जवाब
वॉशिंगटन में मीडिया और कूटनीतिक मंचों पर बोलते हुए डॉ. थरूर ने कहा कि भारत अब आतंकवाद पर सिर्फ चेतावनी नहीं देगा, बल्कि सटीक और रणनीतिक कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा,
“मैं सरकार का हिस्सा नहीं हूं, विपक्ष से आता हूं, लेकिन मैंने खुद लिखा है — प्रहार करना ज़रूरी है, मगर समझदारी से। और भारत ने यही किया है। हमने 9 प्रमुख आतंकवादी ठिकानों को एक ही झटके में नष्ट किया।”
उनके मुताबिक, भारत ने पहले डोजियर, वार्ता, सबूत और अंतरराष्ट्रीय दबाव जैसे सभी शांतिपूर्ण प्रयास किए, लेकिन पाकिस्तान की इनकार की नीति और आतंकी ढांचे को बचाने की जिद के चलते अब कार्रवाई का समय आ गया है।
पाकिस्तान को थरूर का दो टूक संदेश
थरूर ने आतंकवाद पर पाकिस्तान की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस्लामाबाद में न तो कोई गंभीर आतंकवादी मुकदमा चला है, न कोई ठोस कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा:
“अगर पाकिस्तान आतंकी संगठनों को बचाता रहेगा, उन्हें सुरक्षित पनाह देता रहेगा, तो उसे भारत के जवाबों के लिए तैयार रहना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर इसका उदाहरण है कि भारत अब बिना संकोच, लेकिन पूरी सटीकता के साथ कार्रवाई करेगा।”
9/11 मेमोरियल से दिया एकता का संदेश
थरूर ने अमेरिका के प्रतिष्ठित 9/11 स्मारक से दुनिया से अपील की कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी देशों को राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की तरह, हर देश को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने होंगे।
शशि थरूर: भारत की अंतरराष्ट्रीय आवाज
पूर्व अंतरराष्ट्रीय राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र में 30 वर्षों तक सेवा दे चुके शशि थरूर, भारत सरकार में विदेश राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। उनका अनुभव और भाषण कौशल उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक मजबूत भारतीय प्रतिनिधि बनाता है। खासतौर से जब वे भारत के उपनिवेशवादी इतिहास पर ब्रिटेन को घेरते हैं, तो उनके तर्कों की सराहना विरोधी भी करते हैं।
गंभीर संदेश, लेकिन सदाबहार अंदाज़ में
थरूर के तीखे और तार्किक भाषणों के साथ-साथ उनकी जेंटलमैन वाली ड्रेसिंग स्टाइल भी चर्चा में रही। वह हमेशा की तरह नेकबैंड और स्कार्फ में दिखे, जो उनके व्यक्तिगत ब्रांड का हिस्सा बन चुका है।
निष्कर्ष: जब बात हो भारत की, थरूर हैं तैयार
ऑपरेशन सिंदूर केवल सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह भारत के बदलते रुख का प्रतीक है — एक ऐसा देश जो अब चुप नहीं बैठता। और जब इस नए भारत का चेहरा दुनिया को दिखाना हो, तो डॉ. शशि थरूर जैसे वक्ता सबसे आगे नज़र आते हैं।

