अयोध्या | 30 मई 2025 — उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को संरक्षित रखने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद अयोध्या के प्रमुख धार्मिक मार्गों पर अब मांस और मछली जैसे गैर-शाकाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जा रहा है।
इन मार्गों पर अब नहीं बिकेगा नॉनवेज
नगर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रामपथ, धर्मपथ, भक्तिपथ, 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा मार्गों पर अब नॉनवेज की दुकानों को संचालित करने की अनुमति नहीं होगी। इन मार्गों को श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर के वातावरण की शुद्धता के लिहाज से “पवित्र क्षेत्र” घोषित किया गया है।
दुकानदारों को 7 दिन की मोहलत, फिर होगी सख्त कार्रवाई
बुधवार को सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद सिंह ने निरीक्षण दल के साथ इन मार्गों का दौरा किया और मांस बेचने वाले दुकानदारों को सात दिनों के भीतर अपने व्यापार को बंद करने का अल्टीमेटम दिया। इस अवधि के बाद नगर निगम की प्रवर्तन टीम द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
मानवता के आधार पर दी गई यह मोहलत इसलिए दी गई है क्योंकि कई दुकानों के पास अभी कुछ स्टॉक बचा हुआ है। प्रशासन की यह पहल जनता दरबार और सीएम पोर्टल पर लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए की गई है।
महापौर की पहल पर पास हुआ प्रस्ताव
नगर महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी की अगुवाई में नगर निगम ने यह प्रस्ताव पारित किया कि राम जन्मभूमि परिसर और उससे जुड़े मार्गों पर नॉनवेज पर प्रतिबंध जरूरी है। यह कदम अयोध्या की आध्यात्मिक पहचान को बनाए रखने की दिशा में उठाया गया है।
राम मंदिर में दर्शन की तैयारी जोरों पर
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी दी है कि मंदिर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, हालांकि अभी भी परकोटा और सफाई जैसे कार्य जारी हैं। राम दरबार के दर्शन सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को दिए जाएंगे — प्रति घंटे 50 और प्रतिदिन करीब 800 लोग दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर के पहले तल पर स्थापित राम दरबार के ऊपर का कलश और शिखर अब स्वर्ण जड़ित हैं और अन्य मंदिरों पर भी ध्वज और कलश स्थापित कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा था – धार्मिक गरिमा सर्वोपरि
सीएम योगी आदित्यनाथ पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि अयोध्या की आध्यात्मिक पवित्रता को बनाये रखना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। धार्मिक स्थलों के पास मांस की बिक्री पर रोक उसी नीति का हिस्सा है, जिससे श्रद्धालुओं को एक पवित्र वातावरण में दर्शन का अनुभव मिले।
निगरानी और क्रियान्वयन तेज
नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक विभाग नियमित निरीक्षण कर रहे हैं ताकि नए नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

