बगदाद: इराक की राजधानी में शनिवार को आयोजित अरब लीग शिखर सम्मेलन के दौरान, भागीदार देशों ने गाज़ा पट्टी में जारी संघर्ष को समाप्त करने और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण में सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई। सम्मेलन ऐसे समय में हुआ जब इज़राइल और हमास के बीच संघर्ष तेज़ी पर है और हाल की शांति वार्ता बिना निष्कर्ष समाप्त हो गई है।
प्रमुख नेता और वैश्विक प्रतिनिधियों की उपस्थिति
सम्मेलन में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, और कई अन्य अरब नेताओं ने भाग लिया। साथ ही, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे।
यूएन का ज़ोर: मानवीय सहायता और बंधकों की रिहाई
संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुतारेस ने गाज़ा में निर्बाध मानवीय सहायता पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया और इज़राइली बंधकों की रिहाई का आह्वान किया। उन्होंने यह भी दोहराया कि संयुक्त राष्ट्र किसी भी प्रकार के जबरन विस्थापन को मान्यता नहीं देता।
इराक का बड़ा ऐलान: पुनर्निर्माण कोष की स्थापना
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने गाज़ा पुनर्निर्माण के लिए एक अरब डॉलर के क्षेत्रीय कोष की स्थापना की घोषणा की, जिसमें से गाज़ा को 20 मिलियन डॉलर और लेबनान को 20 मिलियन डॉलर की तत्काल सहायता दी जाएगी।
मिस्र की भूमिका और भविष्य की योजनाएं
मिस्र ने कहा कि वह अमेरिका और कतर के साथ मिलकर युद्धविराम प्रयासों में सक्रिय है। मिस्र के राष्ट्रपति ने जानकारी दी कि इन प्रयासों के चलते एक अमेरिकी-इज़राइली बंधक को रिहा कराया गया है। इसके अतिरिक्त, मिस्र जल्द ही गाज़ा के पुनर्निर्माण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा।
हमास को सत्ता छोड़ने का आग्रह
फिलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हमास से गाज़ा में सत्ता त्यागने और हथियार फिलस्तीनी प्राधिकरण को सौंपने की अपील की ताकि एकता सरकार बनाई जा सके। वर्ष 2007 से हमास का गाज़ा पर नियंत्रण है और दोनों पक्षों के बीच एकता वार्ताएं कई बार विफल हो चुकी हैं।
राजनीतिक मतभेद अब भी बाधक
हालांकि सम्मेलन में युद्धविराम और पुनर्निर्माण पर व्यापक सहमति बनी है, फिर भी राजनीतिक मतभेद और क्षेत्रीय शक्ति संघर्ष के चलते समाधान की राह अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

