
डीपीआर बनी, लेकिन फाइल अटकी
अलवर शहर के जेल सर्किल से बहरोड़ तक करीब 70 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाया जाना है। अभी यह सड़क सिर्फ टू-लेन है, जबकि इस पर ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है। इसी मार्ग से वाहन जयपुर–दिल्ली हाईवे से भी जुड़ते हैं।
सरकार ने इस सड़क को फोरलेन करने के लिए करीब 450 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार करवाई थी, लेकिन यह डीपीआर अभी पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में मंजूरी के लिए अटकी हुई है। इसी वजह से परियोजना जमीन पर नहीं उतर पा रही है।
जर्जर सड़क, बढ़ती परेशानी
अलवर से बहरोड़ की सड़क इस समय काफी खराब हालत में है। गड्ढों और संकरी सड़क के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है।
इस रास्ते पर सफर करने में अब करीब 2 घंटे लग रहे हैं, जबकि फोरलेन बनने के बाद यह समय काफी कम हो सकता था।
भूगोर तिराहे से हनुमान सर्किल तक भी इंतजार
बजट में यह भी घोषणा की गई थी कि भूगोर तिराहे से हनुमान सर्किल तक सड़क चौड़ी की जाएगी। इस मार्ग पर
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यूआईटी की अंबेडकर नगर कॉलोनी
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भाजपा और कांग्रेस के कार्यालय
स्थित हैं।
यहीं से वाहन दिल्ली, भरतपुर और जयपुर की ओर जाते हैं और यह सड़क एनएच-248A से जुड़ती है। इसके बावजूद यहां भी अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है।
कहां अटका है मामला, नहीं स्पष्ट
सड़क चौड़ीकरण का काम क्यों रुका है, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है। मार्ग संकरा और कई जगह से जर्जर होने के कारण वाहन धीमी गति से चलने को मजबूर हैं, जिससे रोजाना जाम और परेशानी बनी रहती है।
जनता को इंतजार
दोनों ही सड़क परियोजनाएं कागजों में तैयार हैं, लेकिन मंजूरी और काम शुरू होने में देरी से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। अब जनता को उम्मीद है कि सरकार जल्द फाइलों को आगे बढ़ाकर इन योजनाओं को धरातल पर उतारेगी।
