
आनंदपाल एनकाउंटर के बाद चर्चा में आई थीं
मोनिका सैन का नाम उस घटना के बाद काफी चर्चा में आया था, जब जुलाई 2017 में गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर के बाद नागौर जिले के सांवराद गांव में हिंसा भड़क गई थी। उस समय वह ट्रेनी आईपीएस के रूप में वहां तैनात थीं।
हजारों लोगों की भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था और कई पुलिसकर्मियों को घेर लिया था। कठिन हालात के बावजूद मोनिका सैन ने हिम्मत नहीं हारी और हालात को संभालने में अहम भूमिका निभाई। उनकी बहादुरी के कारण उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी पहचान मिली।
हाड़ी रानी बटालियन में किया महत्वपूर्ण काम
अजमेर में हाड़ी रानी महिला बटालियन में कमांडेंट रहते हुए उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण और कल्याण के लिए कई अच्छे काम किए। अब पाली जिले की जिम्मेदारी मिलने को उनके करियर की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पाली में होंगी नई चुनौतियां
पाली जिला औद्योगिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां कानून व्यवस्था बनाए रखना, औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा और अपराध पर नियंत्रण रखना नई एसपी मोनिका सैन की प्रमुख जिम्मेदारी होगी। उनकी छवि एक सख्त और ईमानदार अधिकारी की मानी जाती है।
इंजीनियरिंग से आईपीएस तक का सफर
मोनिका सैन मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। उनका जन्म 10 अक्टूबर 1986 को हुआ। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक किया है। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर पुलिस सेवा को चुना।
करियर के अहम पद
अपने करियर में मोनिका सैन कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं, जैसे:
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एसओजी जयपुर में बड़े अपराधी गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई
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डीसीपी (मुख्यालय) जयपुर के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारी
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जालौर और डूंगरपुर की एसपी के रूप में कानून व्यवस्था संभाली
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सीआईडी (सीबी) और एससीआरबी में तकनीकी सुधार किए
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जोधपुर कमिश्नरेट में डीसीपी क्राइम के रूप में कई बड़े मामलों की जांच की
अब पाली जिले की कमान संभालने के बाद उनसे अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।
