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आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर संविधान बचाने का संकल्प, उमरिया में शुरू हुआ जनजागरण अभियान

उमरिया।
आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर “संविधान हत्या दिवस” के रूप में एक कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक भवन उमरिया में किया गया। इस मौके पर एक साल तक चलने वाले जनजागरण अभियान की शुरुआत हुई, जो संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहेगा।

विधायक ने आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय

इस अवसर पर विधायक शिवनारायण सिंह ने कहा कि 25 जून 1975 को लगा आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन था। इस दौरान सरकार ने लोगों की आजादी छीनी, मौलिक अधिकारों को कुचला और संविधान की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि यह अभियान लोगों को लोकतंत्र की अहमियत समझाने के लिए चलाया जाएगा।

युवाओं को जोड़ा जाएगा

भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि युवाओं, छात्रों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की भागीदारी से सालभर कई कार्यक्रम किए जाएंगे। इसमें संगोष्ठियां, संवाद, निबंध प्रतियोगिता, रैलियां और अन्य गतिविधियाँ शामिल रहेंगी, ताकि लोग संविधान के महत्व को समझ सकें।

अधिकारी और नागरिक भी हुए शामिल

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, डॉ. पूजा द्विवेदी, किशन सिंह, और अन्य प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि व नागरिक शामिल हुए।

हुआ स्वास्थ्य परीक्षण और दवा वितरण

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरतमंदों को दवाइयां भी वितरित की गईं

यह अभियान पूरे साल चलेगा और संविधान व लोकतंत्र को बचाने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने का काम करेगा।

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