आमेर-नाहरगढ़ रोपवे प्रोजेक्ट पर हाईकोर्ट की बड़ी रोक
टेंडर नियमों के उल्लंघन का आरोप, सरकार को जारी हुआ नोटिस
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के बहुचर्चित आमेर-नाहरगढ़ रोपवे प्रोजेक्ट पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों को देखते हुए राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी किया है।
याचिका में दावा किया गया है कि करीब 80 करोड़ रुपए के अनुमानित प्रोजेक्ट को नियमों की अनदेखी कर 350 करोड़ रुपए की बोली लगाने वाली फर्म को सौंप दिया गया। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और पात्रता शर्तों का भी उल्लंघन हुआ।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रारंभिक तौर पर सवाल उठाते हुए परियोजना पर अस्थायी रोक लगाने के आदेश दिए। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि कम लागत वाले विकल्प को नजरअंदाज कर अधिक रेट वाली कंपनी को काम क्यों दिया गया।
यह रोपवे प्रोजेक्ट आमेर किला और नाहरगढ़ क्षेत्र को पर्यटन के लिहाज से जोड़ने के लिए प्रस्तावित था। सरकार इसे जयपुर के पर्यटन विकास की बड़ी परियोजना बता रही थी, लेकिन अब कोर्ट की रोक के बाद प्रोजेक्ट पर अनिश्चितता बढ़ गई है।
विपक्ष ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, अब सभी की नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां सरकार को अपना पक्ष रखना होगा।

