
कर्मचारी पर तेंदुए का हमला
सुबह फिलिंग सेक्शन-6 के पास कर्मचारी सुबोजित राय अपने रोजमर्रा के काम में लगे थे, तभी अचानक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। उनकी सतर्कता से जान बच गई, लेकिन उनके पैर में हल्की खरोंच आई। शोर सुनकर तेंदुआ मैग्जीन बिल्डिंग में छिप गया और वहां करीब पांच घंटे तक मौजूद रहा।
पकड़ने में लगी वन विभाग की टीम
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने घंटों मेहनत की। शाम करीब 4 बजे वेटरनरी डॉक्टर की मदद से उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया, जिससे वह काबू में आ गया। फिर उसे सुरक्षित पिंजड़े में बंद कर लिया गया।
जंगल से सटे इलाके में तेंदुओं का खतरा
ओएफके और आसपास का इलाका घने जंगलों और झाड़ियों से घिरा हुआ है। पास में ही एक्सप्लोसिव डिपो खमरिया (ईडीके) है, जहां गोला-बारूद का भंडारण होता है। यह इलाका तेंदुओं का प्राकृतिक निवास स्थान है, इसलिए वे अक्सर यहां देखे जाते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि पहले भी तेंदुआ नजर आया था, लेकिन हमला पहली बार हुआ।
तेंदुए को सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा
रेस्क्यू टीम ने तेंदुए को बेहोश कर वेटरनरी कॉलेज भिजवा दिया। वन विभाग अधिकारी अपूर्व शर्मा के अनुसार, शुक्रवार को तेंदुए को जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
