
हाईकोर्ट का सख्त आदेश
न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत समयबद्ध है, इसलिए इसे प्राथमिकता से निपटाया जाना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी तय किया कि सुनवाई दोपहर 2 बजे या बोर्ड के अंत में (जो पहले हो) शुरू होगी और लगातार चलती रहेगी, जब तक सभी वकीलों की बहस पूरी नहीं हो जाती।
वर्चुअल माध्यम से हुई पेशी
सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक राज सिंह बाजवा जयपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। आसाराम इस समय जोधपुर जेल में बंद हैं।
अब अंतिम बहस का रास्ता साफ
अब तक आसाराम की ओर से स्वास्थ्य समेत अन्य आधारों पर कई बार राहत की मांग की जा चुकी है। लेकिन हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद साफ हो गया है कि अब मामला टाला नहीं जाएगा और अंतिम बहस के जरिए अपीलों पर फैसला लिया जाएगा।
निष्कर्ष
हाईकोर्ट के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि आसाराम और सह-आरोपियों की अपीलों पर जल्द और नियमित सुनवाई होगी और अब किसी को भी देरी का मौका नहीं मिलेगा।
