
कलेक्टर सबसे पहले ग्राम जमालपुरा पहुंचे, जहां जल संसाधन विभाग की कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रोजेक्ट सितंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी तरह की दिक्कत हो, तो उन्हें तुरंत सूचना दी जाए।
इसके बाद वह राघौपीपलिया और त्रिवेणी ब्रिज पहुंचे। यहां उन्होंने इंदौर-उज्जैन के बीच बन रही 6 लेन सड़क का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
46 किलोमीटर लंबा है यह सड़क प्रोजेक्ट
यह सड़क 46 किलोमीटर लंबी होगी और इसे छह लेन में बदला जा रहा है। इसमें 3 फ्लाईओवर और 6 अंडरपास भी बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1,619 करोड़ रुपये है और इसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
मेडिसिटी प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण
कलेक्टर ने मेडिसिटी प्रोजेक्ट का भी दौरा किया और उसकी प्रगति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि:
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शासन की योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे
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सिंहस्थ से जुड़े कार्य समय सीमा में पूरे हों
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जलगंगा अभियान और गेहूं उपार्जन जैसे कामों को गंभीरता से लिया जाए
कलेक्टर का यह फील्ड दौरा प्रशासनिक सक्रियता और काम के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
