ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। इजरायल ने सोमवार को बड़ा दावा किया कि उसने पश्चिमी ईरान से लेकर राजधानी तेहरान तक के हवाई क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। इजरायली सेना ने कहा कि ऑपरेशन ‘राइजिंग लायन’ के तहत किए गए हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और मिसाइल इन्फ्रास्ट्रक्चर को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
🇮🇱 तेहरान के ऊपर हवाई वर्चस्व: इजरायली सेना का बयान
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के एक प्रवक्ता ने बताया:
“हमने तेहरान के ऊपर Aerial Superiority यानी हवाई वर्चस्व हासिल कर लिया है। ईरानी वायु रक्षा इतनी कमजोर हो गई है कि अब हमारे विमान बिना किसी गंभीर खतरे के तेहरान के ऊपर उड़ान भर सकते हैं।”
IDF के मुताबिक, तेहरान, इस्फहान और पश्चिमी इलाकों में प्रमुख मिसाइल लॉन्च साइलो, रेडार स्टेशन, और एयर डिफेंस यूनिट्स को टारगेट कर तबाह किया गया।
☢️ ईरान के परमाणु ढांचे को झटका
इजरायल के हमलों में ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार:
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ईरान में कम से कम 224 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
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1,200 से अधिक घायल हैं।
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दर्जनों सीनियर सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे जा चुके हैं।
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कई परमाणु सुविधाएं और अनुसंधान केंद्रों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
इस हमले को 1980 के बाद से ईरान पर सबसे बड़ा और रणनीतिक झटका माना जा रहा है।
💣 ईरान के जवाबी हमले और इजरायल में तबाही
ईरान ने भी पीछे हटने का नाम नहीं लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने पिछले कुछ घंटों में 100 से अधिक मिसाइलें इजरायल के प्रमुख शहरों — तेल अवीव, यरुशलम और हाइफा — पर दागी हैं। इन हमलों में:
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17 इजरायली नागरिकों की जान गई है,
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जबकि 74 लोग घायल हुए हैं और इलाज जारी है।
सरकारी आंकड़ों में बताया गया है कि रिहायशी इमारतें, ऊर्जा संयंत्र और सैन्य ठिकाने ईरानी मिसाइलों की चपेट में आए हैं।
🔍 क्या आगे और भयानक होगा युद्ध?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात यूं ही बने रहे तो यह टकराव सिर्फ ईरान-इजरायल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसमें अमेरिका, रूस, तुर्की, और खाड़ी देश भी अप्रत्यक्ष रूप से खिंच सकते हैं।
📌 निष्कर्ष: मध्य पूर्व की शांति फिर संकट में
तेहरान से लेकर तेल अवीव तक आसमानों में धुएं और धमाकों की लकीर खिंच चुकी है। इजरायल की यह घोषणा कि उसने “ईरानी राजधानी के आसमान पर कब्जा कर लिया है”, युद्ध को एक नए चरण में ले जाती है।
दुनिया की निगाहें अब इसी सवाल पर टिकी हैं — क्या कूटनीति को मौका मिलेगा या ये जंग और गहरी होगी?

