तेहरान/दुबई – इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष में अब एक नया मोड़ आ गया है। इजरायली हमलों के बाद अब ईरान की ओर से नरमी का संकेत दिया गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि अगर इजरायल हमले बंद करता है, तो ईरान भी अपनी जवाबी कार्रवाई रोक सकता है।
“जंग रुक सकती है अगर हमला रुके” – अराघची
रविवार को तेहरान में विदेशी राजनयिकों के समक्ष बोलते हुए अराघची ने कहा:
“हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि हम पर हमले बंद कर दिए जाएं, तो हम भी जवाबी कार्रवाई रोक देंगे। हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता भी नहीं करेंगे।”
यह पहली बार है जब शुक्रवार से शुरू हुई इजरायली सैन्य कार्रवाई के बाद कोई ईरानी वरिष्ठ अधिकारी सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं।
अमेरिका से बातचीत टली
अराघची को रविवार को ओमान में अमेरिकी अधिकारियों के साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चर्चा करनी थी, लेकिन इजरायली हमलों की वजह से यह बातचीत स्थगित कर दी गई।
इजरायल की चेतावनी: “तेहरान जल सकता है”
शनिवार को इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था:
“यदि ईरान ने मिसाइल हमले जारी रखे, तो हम तेहरान को खाक कर देंगे।”
इसके तुरंत बाद, इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के प्रवक्ता ने भी तीखा बयान देते हुए कहा कि अब “तेहरान सुरक्षित नहीं है।”
इजरायल का जवाबी हमला – रक्षा मंत्रालय को बनाया निशाना
इजरायल ने हाल ही में की गई जवाबी कार्रवाई में तेहरान में स्थित ईरानी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय को मिसाइल हमले में नष्ट कर दिया। इसके अलावा बुशहर और तेहरान में कई तेल डिपो और गैस रिफाइनरियों को भी निशाना बनाया गया।
निष्कर्ष:
ईरान का यह नरम रुख दर्शाता है कि सैन्य तनाव के बावजूद कूटनीति की संभावनाएं अब भी ज़िंदा हैं। हालांकि, इजरायल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस टकराव को लेकर बेहद सतर्क है, क्योंकि यह विवाद क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

