तेहरान में देर रात गूंजे धमाके, आईडीएफ ने ‘पूर्व-खतरे को निष्क्रिय करने’ की रणनीति बताई
13 जून 2025 की देर रात, मध्य पूर्व में तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। हालांकि इजरायली सेना ने हमले की सटीक लोकेशन साझा नहीं की, लेकिन ईरान की राजधानी तेहरान में तेज़ धमाकों की आवाजें दर्ज की गईं और पश्चिमी इलाकों में धुआं उठता देखा गया।
IDF का बयान – “ईरान अब परमाणु हथियारों के सबसे करीब है”
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए कहा:
“आईडीएफ ने ईरान के खिलाफ एक रणनीतिक, पूर्वनियोजित और सटीक अभियान चलाया है। इस ऑपरेशन में वायुसेना के कई दर्जन लड़ाकू विमानों ने भाग लिया और ईरान के परमाणु केंद्रों के साथ-साथ अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।”
आईडीएफ ने इस हमले को राष्ट्रीय सुरक्षा का आवश्यक कदम बताते हुए कहा कि:
“जब एक शत्रु हमारे अस्तित्व को ख़तरे में डालता है और सामूहिक विनाश के हथियारों तक पहुंच बना लेता है, तो चुप बैठना विकल्प नहीं होता।”
ईरानी सेना की प्रतिक्रिया – “यह हमला हमने शुरू नहीं किया”
ईरान की सेना ने भी सोशल मीडिया पर तुरंत प्रतिक्रिया दी:
“याद रहे, इस संघर्ष की शुरुआत हमने नहीं की थी। लेकिन अब हम इसका पूरा जवाब देने के लिए तैयार हैं।”
सरकारी चैनल पर ईरानी सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल शेकारची ने कहा कि हमले में न केवल सैन्य ठिकाने, बल्कि आवासीय क्षेत्र और अधिकारियों के घर भी निशाना बने। उन्होंने इस कार्रवाई को “बर्बर आक्रामकता” बताया और अमेरिका को इस हमले में भागीदार बताया।
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने की खबरें
ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हमले में देश के कई शीर्ष अधिकारी मारे गए, जिनमें शामिल हैं:
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मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी – ईरान के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ
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जनरल हुसैन सलामी – IRGC प्रमुख
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आमिर अली हाजीजादेह – एयरोस्पेस कमांडर
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डॉ. मोहम्मद इस्लामी – परमाणु कार्यक्रम प्रमुख
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ब्रिगेडियर जनरल रेजा मोजाफरीनिया – रक्षा अनुसंधान प्रमुख
इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि अभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं हुई है।
IAEA और न्यूक्लियर डिप्लोमेसी का विफल प्रयास
इस हमले से ठीक पहले, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने ईरान की निंदा करते हुए कहा था कि वह उनके निरीक्षकों के साथ सहयोग नहीं कर रहा। जवाब में ईरान ने तीसरा संवर्धन केंद्र बनाने की घोषणा की थी और सेंट्रीफ्यूजों को और उन्नत करने का फैसला लिया था।
अमेरिका की स्थिति: सतर्कता बढ़ाई, लेकिन आधिकारिक बयान नहीं
हालांकि हमले में अमेरिका की प्रत्यक्ष भूमिका स्पष्ट नहीं है, लेकिन इजरायल के करीबी सहयोगी होने के कारण उसकी प्रतिक्रिया अहम मानी जा रही है। जानकारी के मुताबिक:
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इराक और खाड़ी क्षेत्रों से अमेरिकी राजनयिकों और सैनिकों के परिवारों को निकाला गया है।
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व्हाइट हाउस ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, विस्फोट के वक्त व्हाइट हाउस के लॉन में कांग्रेस सदस्यों से मुलाकात कर रहे थे और फोटोज के लिए पोज दे रहे थे। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उन्हें हमले की जानकारी उस समय दी गई थी या नहीं।
📈 तेल बाजार में हलचल
हमले के कुछ ही देर बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 2% से अधिक की तेजी देखी गई, जो दर्शाता है कि वैश्विक बाजार भी इस टकराव से चिंतित हैं।
🧭 निष्कर्ष: क्या मिडिल ईस्ट एक व्यापक युद्ध की ओर बढ़ रहा है?
इजरायल और ईरान के बीच यह टकराव अब केवल चेतावनियों तक सीमित नहीं रह गया है। दोनों पक्षों ने कार्रवाई और प्रतिरोध की स्थिति ले ली है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में बड़े युद्ध की आशंका प्रबल हो गई है।

