पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इस वक्त रावलपिंडी की अदियाला जेल में एकांत कारावास झेल रहे हैं, जहां उन्हें ‘डेथ सेल’ में रखा गया है। उनकी इस कठिन स्थिति और हाल ही में फैली मौत की अफवाहों के बीच उनके बेटों, कासिम और सुलेमान खान, ने पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अंतरराष्ट्रीय नेताओं से हस्तक्षेप की अपील की है।
“अब और चुप नहीं रह सकते”
ब्रिटिश नागरिक और अब तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहने वाले कासिम और सुलेमान ने कहा कि उनके पिता को झूठे आरोपों में बंद किया गया है और उनकी कानूनी व चिकित्सा सहायता तक छीन ली गई है। दोनों बेटों ने कहा, “हमने पहले कभी मीडिया से बात नहीं की, लेकिन अब जो हो रहा है, वह हमें मजबूर कर रहा है। हमारे पिता को पूरी तरह से अलग-थलग कर दिया गया है।”
ट्रंप और वैश्विक नेताओं से अपील
कासिम और सुलेमान ने अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप से आग्रह किया कि वे इस गंभीर स्थिति में हस्तक्षेप करें और इमरान खान की रिहाई सुनिश्चित कराने में मदद करें। उन्होंने कहा, “हम यह चाहते हैं कि इमरान खान को न्याय मिले, और पाकिस्तान में लोकतांत्रिक मूल्यों को बहाल किया जाए।”
मानवाधिकारों का उल्लंघन
इमरान खान के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े सौ से अधिक आरोप लगाए गए हैं, जिनमें से अधिकांश को उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया है। अगस्त 2023 से हिरासत में लिए गए 72 वर्षीय पूर्व क्रिकेट कप्तान को हाल ही में 14 साल की सजा सुनाई गई है। आरोप हैं कि उन्हें अपने वकीलों से बात करने का भी मौका नहीं दिया जा रहा। उनकी पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने भी पहले सरकार पर मानवीय दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था।
“समझौते की कोई गुंजाइश नहीं”
कासिम खान ने साफ किया कि उनके पिता किसी भी प्रकार का राजनीतिक समझौता करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, “पिता हमेशा कहते थे कि अगर आप सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे, तो इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। अब वही हो रहा है।” दोनों बेटों ने कहा कि वे अपने पिता को याद करते हैं, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा दुःख इस बात का है कि पाकिस्तान ने उस व्यक्ति को खो दिया, जिसने अपना सब कुछ राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया।

