इस्लामाबाद: पाकिस्तान की पूर्ववर्ती सरकार के प्रमुख और तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (PTI) के संस्थापक इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। इस बार उनके राजनीतिक दल के 82 सदस्यों को आतंकवाद निरोधक अदालत ने चार महीने की जेल और 15,000 पाकिस्तानी रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ये सजा वर्ष 2024 में हुए हिंसक प्रदर्शनों से जुड़ी है।
क्या है पूरा मामला?
26 नवंबर 2024 को इस्लामाबाद और रावलपिंडी में बड़ी संख्या में पीटीआई समर्थक सड़कों पर उतरे थे। यह प्रदर्शन इमरान खान की गिरफ्तारी के विरोध में किया गया था, जो कि अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। सरकार पर दबाव बनाने और उनकी रिहाई की मांग को लेकर निकाले गए इस प्रदर्शन ने कुछ ही समय में उग्र रूप ले लिया।
इन घटनाओं के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर से 1,500 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। रावलपिंडी में स्थित आतंकवाद-निरोधी अदालत ने इन मामलों में सुनवाई पूरी कर 82 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
राजनीतिक माहौल में गर्माहट
अदालती फैसले के बाद पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल देखी जा रही है। इमरान खान की पार्टी ने इस निर्णय को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है।
वहीं, सरकार का पक्ष है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाना सर्वोपरि है।

