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इरफान पठान का बड़ा बयान: “कप्तान न होते तो रोहित शर्मा की टेस्ट टीम में जगह नहीं”

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा अब टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। रोहित ने सबसे पहले टी20 इंटरनेशनल को अलविदा कहा था, जब उनकी कप्तानी में भारत ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। इसके बाद 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से भी रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। उस सीरीज के बाद उनकी कप्तानी पर लगातार सवाल उठने लगे थे। इसी मुद्दे पर अब पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने खुलकर अपनी राय रखी है।

इरफान पठान ने एक इंटरव्यू में कहा कि रोहित शर्मा व्हाइट बॉल क्रिकेट (वनडे और टी20) में बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन उस साल टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा। उन्होंने बताया कि 2024 में रोहित शर्मा का टेस्ट में औसत सिर्फ 6 रन का था, जो एक बड़े खिलाड़ी के लिए काफी निराशाजनक है। इरफान ने साफ शब्दों में कहा — “अगर रोहित शर्मा उस समय टीम के कप्तान नहीं होते, तो उनके प्रदर्शन के आधार पर प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह नहीं बनती। यह कड़वा सच है।”

इरफान पठान ने आगे कहा कि कई लोग यह मानते हैं कि उन्होंने और उनके जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने रोहित शर्मा को जरूरत से ज्यादा सपोर्ट दिया। उन्होंने इस पर सफाई देते हुए कहा — “जब कोई खिलाड़ी इंटरव्यू देने आपके ब्रॉडकास्टिंग चैनल पर आता है, तो आप उसके साथ बदतमीजी नहीं कर सकते। आपने उसे बुलाया है, तो तहजीब दिखाना जरूरी है। जब रोहित हमारे शो पर आए, तो हमने भी वही किया। इसका मतलब यह नहीं कि हम उनके हर फैसले या खेल से सहमत थे।”

भारत ने 2024-25 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया से 3-1 से हार झेली थी। इस हार पर इरफान पठान ने कहा — “हमने पहले ही कहा था कि रोहित को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लड़ाई दिखानी चाहिए। लेकिन सच यह भी है कि उनके हालिया प्रदर्शन के आधार पर, अगर वे कप्तान नहीं होते तो उन्हें टीम में जगह नहीं मिलती।”

रोहित शर्मा के टेस्ट करियर का यह अंत भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा मोड़ था। जहां उन्होंने सीमित ओवरों में भारत को कई जीत दिलाई, वहीं टेस्ट क्रिकेट में उनके आखिरी साल का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा।

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