
उद्योगों पर पड़ रहा है असर
संजय राउत ने कहा कि ईंधन की कमी का असर महाराष्ट्र के कई उद्योगों पर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि सातारा, सांगली और कोल्हापुर के इंजीनियरिंग प्लांट्स में गैस की भारी जरूरत होती है, लेकिन सप्लाई रुकने से वहां काम प्रभावित हो रहा है।
इसके अलावा छत्रपति संभाजीनगर और पुणे के चाकण इलाके के ऑटोमोबाइल उद्योग भी इस संकट से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या का असर सिर्फ उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान, मजदूर, होटल व्यवसायी और टाइल्स उद्योग से जुड़े लोग भी परेशान हैं।
मोदी के पुराने बयान पर किया तंज
संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पहले कहा था कि नालों से गैस बनाकर चूल्हे जलाए जा सकते हैं। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि अब जब देश में ईंधन संकट है, तो इस विचार का इस्तेमाल करना चाहिए।
मिठी नदी पर पायलट प्रोजेक्ट की सलाह
राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री की इसी सोच के आधार पर मुंबई की मिठी नदी के किनारे गैस उत्पादन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी से कराया जा सकता है और इसके लिए राज्य सरकार को पहल करनी चाहिए।
केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
राउत ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में ईंधन संकट गहराता जा रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो भविष्य में गाड़ियों की जगह फिर से बैलगाड़ियों का दौर लौट सकता है।
