
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नशा तस्करी और फार्मा कंपनियों के बीच बने गठजोड़ पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड समेत छह राज्यों में 15 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई दवाओं की गलत सप्लाई और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई, जिसमें 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले का पता चला है।
उत्तराखंड में पांच कंपनियों पर छापे
ऋषिकेश, हरिद्वार और काशीपुर में पांच फार्मा कंपनियों के दफ्तरों और गोदामों में छापेमारी की गई। ईडी ने इन कंपनियों की दवा बिक्री, सप्लाई चैन, स्टॉक और पैसों के लेन-देन की बारीकी से जांच की।
किन-किन राज्यों में हुई कार्रवाई?
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उत्तराखंड
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उत्तर प्रदेश
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पंजाब
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हिमाचल प्रदेश
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राजस्थान
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महाराष्ट्र
जांच में क्या सामने आया?
ईडी को पता चला कि फार्मा कंपनियों और नशा तस्करों ने मिलकर दवाओं की सप्लाई का गलत इस्तेमाल किया। कुछ दवाएं नशे के रूप में बेची जा रही थीं, और इनके निर्माण के लिए खरीदे गए कच्चे माल की भी जांच की गई।
कैसे शुरू हुई कार्रवाई?
यह छापेमारी पंजाब एसटीएफ द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर की गई थी, जिसमें दो नशा तस्करों और एक बिचौलिए के खिलाफ मामला दर्ज था।
क्या है ईडी का आरोप?
ईडी का कहना है कि इस गठजोड़ ने सैकड़ों करोड़ की कमाई की और उसे छुपाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का सहारा लिया गया, जो एक गंभीर आर्थिक अपराध है।
यह कार्रवाई अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
