
राजस्थान के रीट पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इस मामले के मुख्य आरोपी रामकृपाल मीणा की संपत्ति को जब्त कर लिया है। अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील के खोहरा गांव में स्थित रामकृपाल मीणा की 1.13 हेक्टेयर कृषि भूमि पर ईडी के अधिकारियों ने कब्जा कर लिया और वहां नोटिस बोर्ड लगा दिया है। इस भूमि की कीमत सरकारी दर से 1.23 करोड़ रुपये बताई जा रही है, लेकिन बाजार में इसकी कीमत 10 करोड़ रुपये से ज्यादा है। यह कार्रवाई पीएमएलए एक्ट के तहत की गई है।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक इस पेपर लीक मामले में जितनी भी संपत्तियां जब्त की गई हैं, वे सभी ब्लैक मनी से खरीदी गई थीं। मंगलवार को ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर मोहित कौशिक के नेतृत्व में एक टीम पुलिस के साथ खोहरा गांव पहुंची और वहां पटवारी से आरोपी की जमीन का रिकॉर्ड लेकर उस पर नोटिस बोर्ड लगाया। नोटिस बोर्ड में भूमि को जब्त करने के कारण बताए गए हैं।
पूर्व में की गई जब्ती:
इससे पहले, सितंबर 2024 में ईडी ने रामकृपाल मीणा और प्रदीप पाराशर के बैंक खातों से 10,89,259 रुपये जब्त किए थे। इसके अलावा, फरवरी 2022 में मीणा के जयपुर स्थित स्कूल और कॉलेज की तीन मंजिला बिल्डिंग को जेडीए ने गिरा दिया था। अब तक इस मामले में 131 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और ईडी की कार्रवाई जारी है।
