नई दिल्ली/बीजिंग: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अब चीन ने आधिकारिक तौर पर प्रतिक्रिया दी है। चीन का कहना है कि उसने दोनों देशों के साथ संपर्क साधा है और उनसे तनाव कम करने की अपील की है। इस कूटनीतिक पहल को क्षेत्र में संभावित बड़े युद्ध को रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
चीनी प्रवक्ता ने दिया स्पष्ट संदेश – ‘बातचीत ही एकमात्र रास्ता’
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कुओ च्याखुन ने सोमवार को एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा:
“हम सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे तुरंत ऐसे कदम उठाएं जिससे तनाव कम हो सके। किसी भी कीमत पर क्षेत्र को और अधिक अस्थिरता की ओर न जाने दिया जाए।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन का मानना है कि समस्या का हल केवल सकारात्मक बातचीत और शांतिपूर्ण संवाद के जरिए ही संभव है।
चीन ने की कूटनीतिक पहल – दोनों देशों से किया सीधा संपर्क
प्रवक्ता ने जानकारी दी कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार से सीधे फोन पर बात की है। इस बातचीत में दोनों पक्षों से कहा गया कि वे तत्काल संघर्षविराम के लिए प्रयास करें और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता दें।
“यदि यह टकराव बढ़ता है, तो सबसे पहले नुकसान मध्य पूर्व के देशों को ही होगा,” – कुओ च्याखुन
‘युद्ध नहीं, संवाद चाहिए’ – चीन का रुख स्पष्ट
चीनी प्रवक्ता ने आगे कहा:
“बल प्रयोग से कभी स्थायी शांति नहीं लाई जा सकती। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का समाधान केवल बातचीत और सहयोग के जरिए ही संभव है।”
चीन ने यह भी संकेत दिया कि वह आगे भी शांति स्थापना और मध्यस्थता की दिशा में सक्रिय रहेगा और क्षेत्र को और अधिक उथल-पुथल से बचाने की दिशा में कार्य करता रहेगा।

