📍 तेहरान / यरूशलम | 22 जून 2025
मध्य पूर्व में तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। इसराइली रक्षा बल (IDF) और ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक-दूसरे के सैन्य प्रतिष्ठानों और रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं।
🔴 इसराइली हमले: मिसाइल लॉन्चर्स और सैन्य ठिकाने निशाने पर
इसराइल की सेना ने रविवार तड़के घोषणा की कि उन्होंने पश्चिमी ईरान के कई सैन्य अड्डों पर हमले किए हैं।
IDF ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए लिखा:
“हमने उन मिसाइल सिस्टम्स को लक्ष्य बनाया जो इसराइल पर हमले की तैयारी में थे। इसके अतिरिक्त, दुश्मन के सक्रिय सैन्य ठिकानों और जवानों पर भी हमला किया गया है।”
IDF का दावा है कि ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को आंतरिक सुरक्षा प्रणाली द्वारा सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया।
🟠 ईरान का जवाबी वार: बेन गुरियन एयरपोर्ट समेत कई ठिकाने निशाने पर
इसराइली हमलों के जवाब में, ईरान ने भी तुरंत पलटवार किया।
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने लंबी दूरी की मिसाइलों के ज़रिए इसराइल के कई रणनीतिक स्थलों को निशाना बनाया।
IRGC द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, निशाने पर ये स्थान शामिल थे:
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बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
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सेना का कमांड एवं नियंत्रण केंद्र
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जैविक अनुसंधान से जुड़ा एक संवेदनशील संस्थान
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सेना को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले केंद्र
ईरानी मीडिया ने दावा किया कि ये हमले सुनियोजित और सावधानीपूर्वक तय लक्ष्यों पर केंद्रित थे।
⚠️ क्षेत्रीय अस्थिरता और वैश्विक चिंता
इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने गहरी चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अब तक की सबसे प्रत्यक्ष और खतरनाक सैन्य मुठभेड़ है, जिसमें दोनों देश पहली बार एक-दूसरे के मुख्यालयों को निशाना बना रहे हैं।
इस समय पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के हालात पर संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, यूरोपीय संघ और रूस सहित तमाम देश कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

