तेहरान/यरुशलम: इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव अब पारंपरिक युद्ध सीमाओं से आगे बढ़कर साइबर युद्ध के मोर्चे पर पहुंच गया है। हाल ही में इजरायल ने ईरान पर एक बड़ा साइबर हमला किया, जिसने देश की मीडिया और वित्तीय संस्थानों को बुरी तरह प्रभावित किया।
📺 न्यूज चैनल पर हैकिंग और वीडियो प्रसारण
इस साइबर अटैक के तहत इजरायल समर्थित हैकर्स ने ईरानी सरकारी न्यूज चैनल को हैक कर लिया और वहां ईरानी महिलाओं के बाल काटते हुए वीडियो प्रसारित किए। इस दृश्य ने पूरे ईरान में हलचल मचा दी और जनता में नाराजगी भी देखी गई।
ईरान की ब्रॉडकास्टिंग एजेंसी ने दावा किया कि उसने इस साइबर हमले को “वक्त रहते नियंत्रित” कर लिया, लेकिन माना जा रहा है कि वीडियो काफी देर तक प्रसारित होता रहा और इसका व्यापक प्रभाव पड़ा।
🏦 बैंकिंग सेक्टर पर भी हमला
इस हमले की जद में ईरान के प्रमुख सरकारी बैंक सेपाह और पसारगाड भी आए।
हालांकि ईरानी अधिकारियों ने कहा कि ग्राहकों के डेटा को कोई स्थायी नुकसान नहीं हुआ है और बैंकिंग सेवाएं जल्द बहाल कर दी गईं।
एक साइबर एक्टिविस्ट ग्रुप — “गोंजेश्के दारांदे” (Predatory Sparrow) — ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है।
उन्होंने दावा किया कि बैंक सेपाह को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह ईरानी सेना को आर्थिक सहायता प्रदान करता है।
💻 साइबर युद्ध में इजरायल का बढ़त
इजरायल साइबर रणनीति के क्षेत्र में लंबे समय से वैश्विक अग्रणी माना जाता है।
उसके पास उन्नत साइबर डिफेंस और अटैक क्षमताएं हैं।
ईरान भी पिछले कुछ वर्षों में साइबर युद्ध के क्षेत्र में सक्रिय हुआ है, लेकिन उसकी क्षमता अभी इजरायल की तुलना में सीमित मानी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला महज तकनीकी नहीं बल्कि सांकेतिक भी था — महिलाओं के बाल काटने जैसे प्रतीकात्मक वीडियो से ईरान के सामाजिक ढांचे को भी चुनौती देने की कोशिश की गई।
🧩 कूटनीतिक और रणनीतिक असर
इजरायल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य टकराव के बीच यह साइबर हमला उस संघर्ष को नई दिशा और गहराई दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह के हमले बढ़ते हैं, तो इससे दोनों देशों के आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
✍️ निष्कर्ष: डिजिटल मोर्चे पर जंग
सैन्य हमलों के समानांतर साइबर अटैक अब युद्ध का स्थायी हिस्सा बन चुके हैं।
इजरायल द्वारा ईरान के मीडिया और वित्तीय तंत्र को निशाना बनाना बताता है कि आने वाले दिनों में यह जंग केवल मिसाइलों तक सीमित नहीं रहने वाली।

