
तेहरान/वॉशिंगटन/तेल अवीव – पश्चिम एशिया में एक और युद्ध की चिंगारी भड़कने से पहले अमेरिका ने हस्तक्षेप करते हुए इजरायल को ईरान पर हमला करने से रोक दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस योजना को हरी झंडी देने से इनकार कर दिया।
🔸 परमाणु डील पर लौटने की तैयारी
ईरान और अमेरिका के बीच 2015 की ऐतिहासिक परमाणु संधि को फिर से बहाल करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। दोनों देशों के बीच पहला दौर ओमान में हुआ और अब दूसरा दौर शनिवार को प्रस्तावित है। दोनों पक्ष इसे “सकारात्मक” बता चुके हैं।
🔸 इजरायल को बड़ा झटका
इजरायल को भरोसा था कि ट्रंप प्रशासन उसकी सैन्य कार्रवाई में सहयोग करेगा, लेकिन अंतिम समय में ट्रंप ने इससे इनकार कर दिया। वाइट हाउस के अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका युद्ध के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देना चाहता है, और मध्य पूर्व में एक और संघर्ष से बचना चाहता है।
🔸 क्या इजरायल अकेले हमला कर सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की सैन्य मदद के बिना इजरायल ईरान पर बड़ा हमला करने में असमर्थ है। पहले के अभियानों में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर्स और एडवांस हथियारों ने बड़ी भूमिका निभाई थी।
🔸 ईरान का रुख क्या है?
ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने ओमान में हुई बैठक को ‘पॉजिटिव’ कहा है, जिससे संकेत मिलते हैं कि ईरान वार्ता को गंभीरता से ले रहा है। हालांकि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग को ठुकरा दिया है।
🔸 अभी भी हमले की संभावना बरकरार
इजरायल ने फिलहाल अपनी योजना स्थगित कर दी है लेकिन पूरी तरह छोड़ी नहीं है। अगर अमेरिका-ईरान डील में ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो इजरायल भविष्य में हमला कर सकता है।
