प्योंगयांग/तेहरान – ईरान और इजराइल के बीच सैन्य टकराव के बीच उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने भी अपनी सैन्य तैयारियों को तेज़ करने का निर्देश दिया है।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के मुताबिक, किम ने देश के रक्षा उत्पादन संयंत्रों का दौरा किया और बम तथा गोला-बारूद के निर्माण में त्वरित बढ़ोतरी के आदेश दिए।
तेज़ी से बदलती वैश्विक परिस्थितियां – किम जोंग उन की चेतावनी
किम ने अधिकारियों से कहा कि विश्व अब एक आधुनिक युद्ध की ओर बढ़ रहा है, जहां पारंपरिक हथियार नहीं, बल्कि उन्नत हथियार प्रणालियां और स्वचालित उत्पादन क्षमता निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि हथियार निर्माण को “युद्धकालीन गति” पर लाया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति का मुकाबला किया जा सके।
फैक्ट्रियों में ऑटोमेशन पर जोर
किम जोंग उन ने फैक्ट्रियों का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि उत्पादन प्रक्रियाएं ज्यादा स्वचालित और अनमैन्ड होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा:
“अब समय है ऐसी तकनीक विकसित करने का, जिससे गोला-बारूद निर्माण बिना मानवीय हस्तक्षेप के संभव हो सके।”
रूस के साथ रिश्तों की मजबूती और अमेरिका पर अप्रत्यक्ष हमला
किम का यह कदम ऐसे समय आया है जब उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग तेज हो रहा है।
हालिया संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने रूस को 20,000 से अधिक कंटेनरों में हथियार भेजे हैं।
किम का यह बयान अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रति अप्रत्यक्ष चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
दक्षिण कोरिया पर मौन, लेकिन युद्ध नीति स्पष्ट
भले ही किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया पर अभी कोई सीधा बयान नहीं दिया है, लेकिन उनका फोकस अब अमेरिका और उसकी नीतियों पर है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर कोरिया की रणनीति साफ है — क्षेत्रीय संकट का फायदा उठाकर अपने सैन्य विस्तार को जायज़ ठहराना।
निष्कर्ष: एशिया में उभरा नया तनाव बिंदु
ईरान और इजराइल के बीच टकराव से शुरू हुई यह कड़ी अब उत्तर कोरिया के हथियार निर्माण के आदेश तक पहुंच चुकी है।
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि यदि पश्चिम एशिया में जंग तेज़ होती है, तो पूरा एशिया रणनीतिक रूप से प्रभावित हो सकता है।

