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ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी नेताओं में नाराज़गी, ट्रंप पर उठे ‘महाभियोग’ के स्वर

american attack in iran

📍 वॉशिंगटन डीसी | 22 जून 2025

ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों को लेकर अमेरिका के भीतर राजनीतिक तूफ़ान खड़ा हो गया है। जहां एक ओर व्हाइट हाउस ने इसे “आवश्यक और सफल कार्रवाई” करार दिया है, वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम को संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन बताया है।


⚠️ ‘महाभियोग का आधार है यह हमला’: अलेक्ज़ेंड्रिया ओकासियो-कोरटेज

कॉन्ग्रेस सदस्य अलेक्ज़ेंड्रिया ओकासियो-कोरटेज (AOC) ने राष्ट्रपति ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई बिना कांग्रेस की पूर्व अनुमति के करना अमेरिकी संविधान के खिलाफ है

“ट्रंप ने जल्दबाज़ी में एक ऐसा क़दम उठाया है जो हमें एक लंबे और विनाशकारी युद्ध में धकेल सकता है। यह महाभियोग का एक पुख्ता आधार है,” – ओकासियो-कोरटेज, एक्स (Twitter) पर।

उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के निर्णय अमेरिका को एक बार फिर अंतहीन युद्धों के दलदल में धकेल सकते हैं।


🛑 ‘विनाश के हथियारों’ की कहानी दोहराई जा रही है: रशीदा तालिब

मिशिगन की प्रतिनिधि रशीदा तालिब ने भी इन हमलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कांग्रेस के अधिकारों और संविधान की आत्मा के खिलाफ है।

“हम पहले ही देख चुके हैं कि कैसे ‘Weapons of Mass Destruction’ के झूठे बहाने पर इराक़ में वर्षों तक युद्ध लड़ा गया था। अब हम फिर उसी राह पर नहीं जाएंगे,” – तालिब ने कहा।

उन्होंने कांग्रेस से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की और ट्रंप प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की।


‘यह उन्माद है’: जिम मैकगवर्न

कांग्रेस सदस्य जिम मैकगवर्न ने इसे ‘अनाधिकृत युद्ध’ की शुरुआत बताया और कहा कि राष्ट्रपति ने अमेरिकी लोकतंत्र को दरकिनार करते हुए युद्ध छेड़ दिया है।

“हमने इतिहास से कोई सबक नहीं सीखा क्या? ट्रंप ने बिना किसी कानूनी मंजूरी के हमें मध्य पूर्व की नई लड़ाई में झोंक दिया है,” – जिम मैकगवर्न


🇺🇸 अंदरूनी विभाजन गहराता

इन बयानों से स्पष्ट है कि अमेरिका के भीतर विदेश नीति और सैन्य कार्रवाई को लेकर गंभीर मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की यह कार्रवाई जहां कुछ रिपब्लिकन नेताओं द्वारा सुरक्षा के नाम पर सराही जा रही है, वहीं डेमोक्रेटिक खेमे में इसे तानाशाहीपूर्ण और लोकतंत्र-विरोधी रवैया माना जा रहा है।


📌 क्या होगा आगे?

कांग्रेस में बढ़ते दबाव के बीच अब यह सवाल उठता है कि क्या ट्रंप के खिलाफ आधिकारिक जांच या प्रस्ताव लाया जाएगा? और क्या अमेरिका की विदेश नीति पर कांग्रेस का नियंत्रण बहाल होगा?

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