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उदयपुर में वक्फ संपत्तियों का हाल: आधी गायब, कई पर कब्जा

नई दिल्ली/उदयपुर।
वक्फ संशोधन बिल चर्चा में है। यह बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास हो चुका है और अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही कानून बन जाएगा। इस बीच, वक्फ संपत्तियों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

उदयपुर में 100 से ज्यादा वक्फ संपत्तियां, लेकिन आधी गायब

राजस्थान के उदयपुर शहर में 100 से ज्यादा वक्फ संपत्तियां हैं, लेकिन इनमें से कई गायब हैं और कुछ पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। शहर के देहलीगेट और शास्त्री सर्कल जैसे प्रमुख इलाकों में वक्फ की संपत्तियां तो हैं, लेकिन कई लोग उन पर कब्जा किए बैठे हैं। यहां तक कि कुछ लोगों ने मकान तक बना लिए हैं और किराया भी नहीं दे रहे हैं

उदयपुर में वक्फ संपत्तियों पर कब्जे

उदयपुर में वक्फ की संपत्तियों में शामिल हैं:

  • 52 मस्जिदें

  • मुस्लिम मुसाफिर खाना

  • पलटन मस्जिद

  • कब्रिस्तान

  • अंजुमन तालीमुल इस्लाम

  • खेरादीवाड़ा में जुक्मी फकीरन की जमीनें

  • देहलीगेट और शास्त्री सर्कल पर दुकानें और जमीनें

इनमें से कई जगहों पर लोगों ने कब्जा कर रखा है और कुछ पर न्यायालय में केस चल रहे हैं

राजस्थान में वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन

राजस्थान वक्फ बोर्ड 19,044 संपत्तियों का प्रबंधन करता है।

  • 17,415 संपत्तियां राजस्थान राजपत्र में प्रकाशित हैं।

  • 1,629 संपत्तियां राजपत्र प्रकाशन के बाद दर्ज हुईं।

  • 706 वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण हो चुका है।

  • 2 करोड़ रुपये से ज्यादा किराया इन संपत्तियों से आता है।

वक्फ कानून का संक्षिप्त इतिहास

  • 1954 में पहला वक्फ अधिनियम बना और वक्फ बोर्ड का गठन हुआ।

  • 1995 में नया वक्फ कानून बना, जिससे राज्यों को वक्फ बोर्ड बनाने की शक्ति मिली।

  • 2013 में कानून में संशोधन कर सेक्शन 40 जोड़ा गया।

उदयपुर में वक्फ संपत्तियों की स्थिति

  • 100 से ज्यादा संपत्तियां उदयपुर वक्फ बोर्ड के पास हैं।

  • इनमें से आधी गायब या कब्जे में हैं।

  • 15-20 संपत्तियों पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।

  • देहलीगेट और शास्त्री सर्कल पर 2 महत्वपूर्ण वक्फ संपत्तियां मौजूद हैं।

वक्फ संपत्तियों को बचाने और कब्जे हटाने के लिए अब कानूनी कार्रवाई की जरूरत है।

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