
इन शहरों में नाथद्वारा, माउंट आबू, जैसलमेर, भीलवाड़ा और बालोतरा शामिल हैं। इन शहरों को स्वच्छ, हरित और आधुनिक बनाने के लिए अलग-अलग योजनाएं तैयार की जाएंगी।
उदयपुर स्मार्ट सिटी निभाएगा अहम भूमिका
राजस्थान शहरी पेयजल सीवरेज एवं अवसंरचना निगम लिमिटेड ने उदयपुर स्मार्ट सिटी को इन परियोजनाओं का प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट बनाया है।
उदयपुर स्मार्ट सिटी इन शहरों के लिए विकास योजनाएं तैयार करेगी, तकनीकी मार्गदर्शन देगी और काम की निगरानी भी करेगी।
इस योजना में शहरों में स्वच्छता व्यवस्था, हरित क्षेत्र बढ़ाने और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शहरों की जरूरत के अनुसार बनेगा विकास मॉडल
हर शहर की पहचान और जरूरत को देखते हुए अलग-अलग विकास योजना बनाई जाएगी।
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जैसलमेर और माउंट आबू पर्यटन शहर हैं, इसलिए यहां पर्यटन सुविधाएं और पर्यावरण संरक्षण पर जोर रहेगा।
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नाथद्वारा धार्मिक स्थल है, इसलिए तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे।
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भीलवाड़ा और बालोतरा औद्योगिक शहर हैं, इसलिए यहां स्वच्छता, पर्यावरण और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
उदयपुर स्मार्ट सिटी इन योजनाओं को तैयार करने के लिए संबंधित जिलों के प्रशासन और कलेक्टरों के साथ मिलकर काम कर रही है।
इन शहरों के लिए तय हुआ बजट
सरकार ने पांचों शहरों के विकास के लिए अलग-अलग बजट तय किया है:
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नाथद्वारा – 30 करोड़ रुपये
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माउंट आबू – 30 करोड़ रुपये
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जैसलमेर – 60 करोड़ रुपये
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भीलवाड़ा – 90 करोड़ रुपये
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बालोतरा – 60 करोड़ रुपये
सरकार का मानना है कि इस योजना से इन शहरों का साफ-सुथरा, हरित और आधुनिक विकास होगा और पर्यटन व उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
