
नई दिल्ली।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के दूरदर्शी नेता हैं और गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल की तरह काम किया है। उन्होंने यह बातें उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में आयोजित कुलपतियों के 99वें वार्षिक अधिवेशन और राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहीं।
धनखड़ ने कहा कि आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस है, जिन्होंने देश के लिए अनुच्छेद 370 के खिलाफ आवाज उठाई थी। यह अनुच्छेद 5 अगस्त 2019 को खत्म हुआ और इसकी वैधानिक चुनौती 11 दिसंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गई।
विश्वविद्यालय केवल डिग्रियों तक सीमित न रहें
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालयों का काम सिर्फ डिग्री देना नहीं होना चाहिए। वे विचारों के केंद्र और नवाचार के तीर्थ स्थल बनें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में स्वतंत्र विचार, संवाद, चर्चा और वाद-विवाद को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि ये ही हमारे लोकतंत्र और संस्कृति की पहचान हैं।
ग्रीनफील्ड विश्वविद्यालयों की जरूरत
धनखड़ ने यह भी कहा कि अब हमें ग्रीनफील्ड मॉडल की ओर बढ़ना चाहिए यानी नए विश्वविद्यालयों की स्थापना उन इलाकों में करनी चाहिए जहां शिक्षा की सुविधाएं नहीं हैं। अभी अधिकतर संस्थान बड़े शहरों और टियर-1 शहरों में हैं, लेकिन ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों को भी समान अवसर मिलने चाहिए।
नई शिक्षा नीति को बताया ऐतिहासिक
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति हमारे संस्कृतिक मूल्यों और आत्म-जागरण पर आधारित है। आज भारत स्टार्टअप, नवाचार और यूनिकॉर्न कंपनियों की धरती बन चुका है और हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर यूपी सरकार के मंत्री सुनील कुमार शर्मा, एमिटी ग्रुप के डॉ. अशोक के. चौहान, एआईयू के अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पाठक, महासचिव डॉ. पंकज मित्तल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।