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ऋद्धिमान साहा ने संभाली कोचिंग की नई जिम्मेदारी, बने बंगाल अंडर-23 टीम के हेड कोच

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा ने अपने क्रिकेट करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है। अब वह मैदान पर बल्ला थामने की बजाय खिलाड़ियों को तैयार करने की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बंगाल की अंडर-23 पुरुष टीम के मुख्य कोच के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है।

सोमवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में साहा ने बतौर कोच अपना पहला ट्रेनिंग सेशन पूरा किया। करीब तीन घंटे तक चला यह सेशन काफी खास रहा क्योंकि यह उनके कोचिंग करियर की शुरुआत थी। साहा ने इस नए सफर की जानकारी अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए साझा की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहा हूं… बंगाल अंडर-23 के मुख्य कोच बनने पर गर्व महसूस कर रहा हूं। कोचिंग केवल निर्देश देना नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास जगाने, खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और एकजुट टीम तैयार करने का काम है।”

साहा ने आगे लिखा कि ईडन गार्डन्स में एक नई भूमिका में लौटना उनके लिए एक खास अनुभव रहा।  “ऐसे होनहार खिलाड़ियों के साथ काम करना जिनमें खेल के लिए जुनून और भूख है, बहुत खास था। मैं मार्गदर्शन करने, खुद भी सीखने और सभी के साथ आगे बढ़ने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। एक मैच, एक सत्र – इस सीज़न को खास बनाने की पूरी कोशिश करेंगे।”

ऋद्धिमान साहा कोचिंग की इस नई जिम्मेदारी में अकेले नहीं हैं। बंगाल अंडर-23 टीम के कोचिंग स्टाफ में कई अनुभवी और पेशेवर लोग शामिल हैं, जो खिलाड़ियों को हर पहलू में निखारने का काम करेंगे। इस टीम में प्रमुख नाम हैं:

उत्पल चटर्जी – सहायक कोच

देबब्रत दास – सहायक कोच

साबिर अली – कंडीशनिंग कोच

मुकेश सिन्हा – वीडियो विश्लेषक

दीप्ति रंजन परिदा – फिजियोथेरेपिस्ट

मृणाल कांति पॉल – मालिशकर्ता

ये सभी प्रोफेशनल मिलकर अंडर-23 खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक, मानसिक तैयारी और प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

ऋद्धिमान साहा का अनुभव भारतीय क्रिकेट के शीर्ष स्तर पर रहा है। अब वह उस अनुभव का इस्तेमाल युवा खिलाड़ियों को बेहतर क्रिकेटर बनाने में कर रहे हैं। बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) को उम्मीद है कि साहा की कोचिंग में टीम बेहतरीन प्रदर्शन करेगी और  राज्य को भविष्य के स्टार क्रिकेटर मिलेंगे।

 

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