
मध्यप्रदेश में माताओं और बच्चों की सेहत को बेहतर बनाने के लिए ‘मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संजीवनी मिशन’ शुरू किया गया है। प्रदेश में मातृ और शिशु मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है, जिसे सुधारने के लिए यह मिशन तैयार किया गया है। लक्ष्य है कि 2030 तक मातृ मृत्यु दर को 173 प्रति लाख से घटाकर 80 और शिशु मृत्यु दर को 43 प्रति हजार से घटाकर 20 से कम किया जाए।
इस मिशन को सफल बनाने के लिए ‘अनमोल 2.0’ मोबाइल ऐप और पोर्टल बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर इसका शुभारंभ किया।
मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में सरकारी, निजी और अर्द्ध-सरकारी स्तर पर नागरिकों की सेहत के लिए कई योजनाएं चलाई जाएंगी। साथ ही, मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म (चिकित्सा पर्यटन) को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल और प्रमुख सचिव संदीप यादव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण पर जोर
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में करीब 60% गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जा रहा है, लेकिन इनमें से 20% महिलाएं समय पर जांच नहीं करवा रही हैं। इसलिए अब महिलाओं के साथ उनके परिवारजनों को भी जागरूक किया जाएगा।
अनमोल 2.0 पोर्टल की खासियत
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गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण अब और आसान होगा।
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हाई-रिस्क गर्भावस्था की पहचान की जा सकेगी।
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प्रसव और नवजात शिशुओं की सेहत से जुड़ी जानकारियां तुरंत दर्ज होंगी।
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जिला और राज्य स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी बेहतर तरीके से होगी।
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जननी सुरक्षा योजना और श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना का भुगतान समग्र ई-केवाईसी के जरिए किया जाएगा।
अनमोल 2.0 से अब माताओं और बच्चों को बेहतर और तेज स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
