
मध्य प्रदेश के गुना जिले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की दी हुई एक एंबुलेंस गायब हो गई है। यह एंबुलेंस कोरोनाकाल में मरीजों को रेफर करने के लिए दी गई थी और इसमें अत्याधुनिक उपकरण थे। एंबुलेंस अब तक नहीं मिल पाई है, और इस मामले ने हलचल मचा दी है।
कैसे हुआ खुलासा?
यह मामला तब सामने आया जब सिंधिया गुना में एक बैठक कर रहे थे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से एंबुलेंस के बारे में पूछा, लेकिन अधिकारियों ने गोल-मोल जवाब दिए। सिंधिया ने फिर कलेक्टर से एंबुलेंस का पता लगाने को कहा। हालांकि, अभी तक एंबुलेंस का कोई पता नहीं चल पाया है।
सीएमएचओ के गोल-मोल जवाब
जब सिंधिया ने एंबुलेंस के बारे में पूछा, तो सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर ने कहा कि उन्हें नहीं पता। बाद में सीएमएचओ ने यह भी कहा कि एंबुलेंस का एक्सीडेंट हो गया था, लेकिन सिंधिया ने फिर से पूछा तो सीएमएचओ ने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि वह एंबुलेंस कहां है। इस पर सिंधिया नाराज हो गए और कलेक्टर से मामले की जांच करने को कहा।
क्या हुई थी घटना?
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यह एंबुलेंस पिछले एक साल से गायब है। एंबुलेंस का एक्सीडेंट भी हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और पुलिस में मामला दर्ज किया गया था। बाद में, बीमा न होने के कारण यह एंबुलेंस मरम्मत के लिए नहीं जा सकी और तब से गायब है।
विधायक की राय
विधायक पन्नालाल शाक्य का कहना है कि जब किसी सांसद या विधायक की ओर से किसी सौगात दी जाती है, तो शासन के अधिकारियों को उसका ध्यान रखना चाहिए। एंबुलेंस के बारे में सही जानकारी नहीं होना एक गंभीर मसला है और इसकी जांच होनी चाहिए।
