
बीते साल तक टोल पास लगभग 340 रुपए में बन जाता था, लेकिन अब इसे बनवाने के लिए अतिरिक्त राशि चुकानी होगी। शहर के आसपास के गांव और कॉलोनियों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, क्योंकि ये लोग रोजाना काम, नौकरी या व्यापार के लिए टोल मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि 20 रुपए की बढ़ोतरी मामूली लग सकती है, लेकिन नियमित यात्रियों के लिए सालभर में यह अतिरिक्त खर्च बन जाएगी। स्थानीय लोग कहते हैं कि पहले ही बढ़ती महंगाई में अब टोल शुल्क की बढ़ोतरी उनकी जेब पर और दबाव डालेगी।
आगे और भी बढ़ सकती हैं दरें
एनएचएआइ ने इंदौर बायपास के टोल की दरों में अभी वृद्धि नहीं की है, लेकिन भविष्य में वहाँ भी शुल्क बढ़ सकता है।
नेशनल हाइवे पर भी टोल महंगा
केंद्र सरकार ने हाल ही में देशभर के टोल टैक्स में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। उदाहरण के लिए:
- ग्वालियर चंबल के मेहरा, छौंदा पर कार का टोल 95 रुपए से बढ़कर 100 रुपए
- पनिहार पर टोल 120 रुपए
- 50 एकल यात्रा के लिए मासिक पास अब 360 रुपए महंगा
इस फैसले के बाद अब वाहन चालकों को नए रेट के अनुसार ही टोल पास बनवाना होगा।
