
मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। राज्यभर में तेज बारिश और आंधी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 29 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इस साल मानसून ने सिर्फ तीन दिनों में पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है।
कहां-कहां हो रही है बारिश?
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गुरुवार सुबह भोपाल में पहली मानसूनी बारिश हुई।
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रतलाम, अशोकनगर, मुरैना में सुबह 5 बजे से झमाझम बारिश हो रही है।
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मौसम विभाग ने नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में मध्यम बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
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भोपाल, उज्जैन, धार, देवास, विदिशा, राजगढ़, सीहोर सहित कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना है।
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कुछ जिलों में 2.5 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है।
मानसून की रफ्तार
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16 जून को मानसून बड़वानी, खरगोन, खंडवा से प्रदेश में दाखिल हुआ।
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17 जून को 15 से ज्यादा जिलों में पहुंचा।
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18 जून को 36 जिलों में दस्तक दे दी।
तापमान में गिरावट
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बारिश की वजह से दिन का तापमान औसतन 2 डिग्री घटा।
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टीकमगढ़ सबसे गर्म रहा – 38.5°C।
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भोपाल – 33°C, इंदौर – 31.4°C, ग्वालियर – 35.5°C, जबलपुर – 37.4°C।
10 साल में शहरों का मानसून ट्रेंड
भोपाल
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10 सालों में 4 बार तापमान 45°C पार गया।
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2020 में सबसे ज्यादा – 16 इंच बारिश।
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2024 में – 10.9 इंच बारिश।
इंदौर
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पिछले 5 सालों में कम गर्मी।
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2024 में – 4 इंच बारिश।
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1980 में रिकॉर्ड – 17 इंच बारिश।
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2003 में 24 घंटे में – 5 इंच बारिश।
ग्वालियर
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2019 में सबसे गर्म – 47.8°C।
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2024 में – 45.7°C।
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1962 में जून में – 28.5 इंच बारिश।
जबलपुर
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मानसून की आमतौर पर यहीं से एंट्री।
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2024 में – 8 इंच बारिश।
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1998 में जून में – 30 इंच बारिश।
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1882 में 24 घंटे में – 7.5 इंच बारिश।
उज्जैन
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2015 से अब तक 2.5 से 8 इंच तक बारिश होती रही।
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2024 में – 5.5 इंच बारिश।
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2001 में एक दिन में – 6.5 इंच बारिश।
निष्कर्ष:
इस बार मानसून ने तेजी से एमपी को कवर किया है और कई जिलों में अच्छी बारिश की शुरुआत हो चुकी है। तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिन और भीगने वाले हैं।
