
लेकिन इसके लिए किसानों को कुछ 5 जरूरी शर्तें माननी होंगी। अगर कोई किसान ये शर्तें पूरी करता है, तो उसे इस योजना का लाभ मिलेगा।
सरकार की योजना का उद्देश्य
इस स्कीम का मकसद है:
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किसानों की आय बढ़ाना
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पर्यावरण को सुरक्षित रखना
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जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना
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खेती को जलवायु के अनुकूल बनाना
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किसानों को अच्छे बीज, खाद और कीटनाशक सस्ते में देना
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कृषि आधारित उद्योग और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ाना
योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
इस योजना के तहत जिन किसानों के पास 1 एकड़ जमीन है, उन्हें 1500 से 3000 रुपए प्रति एकड़ की राशि दी जाएगी। लेकिन इसके लिए उन्हें ये 5 शर्तें माननी होंगी:
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पराली नहीं जलानी होगी।
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कृषि लोन का समय पर भुगतान करना होगा।
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उर्वरक का कम उपयोग कर तिलहन और दलहन की खेती करनी होगी।
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पानी की कम खपत वाली खेती अपनानी होगी।
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कीटनाशकों का कम से कम उपयोग करना होगा।
कब लागू होगी योजना?
मंगलवार, 15 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे जल्द ही राज्यभर में लागू किया जाएगा।
निष्कर्ष:
एमपी सरकार की ये योजना किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है। अगर वे तय शर्तों को मानते हैं, तो न सिर्फ उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि उनकी खेती भी ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बनेगी।

