
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, गैस सिलेंडर की डिलीवरी के 21 दिन बाद ही अगली बुकिंग ऑनलाइन या अन्य माध्यम से की जा सकेगी। तेल कंपनियों ने अपने सॉफ्टवेयर में भी बदलाव कर दिया है, जिससे 21 दिन से पहले बुकिंग संभव नहीं होगी। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और गैस एजेंसियों को इसका पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाड़ौती कोटा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष चंद्रेश शर्मा ने बताया कि अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) देना अनिवार्य होगा। यह कोड उपभोक्ता के मोबाइल पर मैसेज के रूप में आता है, जिसे डिलीवरी मैन को बताने के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी की जाएगी।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता के अनुसार अब ई-केवाईसी भी जरूरी कर दी गई है। पहले गैस सिलेंडर की बुकिंग लगभग 15 दिन बाद हो जाती थी, लेकिन अब यह अवधि बढ़ाकर 21 दिन कर दी गई है। यह नियम गैस की सप्लाई को बेहतर तरीके से बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
तेल कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग न करें। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
