
कंपनियों ने अप्रैल 2025 की बिक्री को आधार मानते हुए इस बार सिलेंडर की सप्लाई में लगभग 20% कमी कर दी है। इससे गैस की उपलब्धता कम हो गई है। अब हालात ऐसे हैं कि अगर कोई उपभोक्ता 25 दिन बाद सिलेंडर बुक करता है, तो उसे नया सिलेंडर मिलने में 10 दिन तक का समय लग सकता है।
एजेंसी संचालकों का कहना है कि सप्लाई कम होने की वजह से कई बार उपभोक्ताओं को गैस खत्म होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
जयपुर में बढ़ी दिक्कत और कालाबाजारी
जयपुर में एलपीजी संकट के कारण हालात और खराब हो गए हैं। यहां कुछ लोग गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं। अब यह अवैध काम खुले में नहीं, बल्कि घरों के अंदर किया जा रहा है, जो काफी खतरनाक है।
बुधवार को बिंदायका और मानसरोवर इलाकों में प्रशासन और पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की। बिंदायका के मारुति नगर में एक घर में छापा मारकर पता चला कि मोहनलाल रैगर नाम का व्यक्ति घरेलू सिलेंडर से छोटे 5 किलो के सिलेंडरों में गैस भर रहा था और 240 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेच रहा था। वहां से 5 घरेलू सिलेंडर, 5 छोटे सिलेंडर और 1 व्यावसायिक सिलेंडर जब्त किए गए।
इसी तरह मानसरोवर के रीको क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई, जहां मेहराज अंसारी को पकड़ा गया। उसके पास से 16 छोटे सिलेंडर बरामद हुए। उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस तरह एलपीजी की कमी और कालाबाजारी दोनों मिलकर आम लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
