माउंट एवरेस्ट पर रिकॉर्ड भीड़, एक ही दिन में 274 पर्वतारोही पहुंचे शिखर पर
नेपाल रूट पर बढ़ा दबाव, दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फिर उठे सुरक्षा और ट्रैफिक के सवाल
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट एक बार फिर रिकॉर्ड भीड़ के कारण चर्चा में है। नेपाल पर्यटन विभाग के अनुसार, नेपाल रूट से एक ही दिन में 274 पर्वतारोही एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचे। इसे अब तक के सबसे व्यस्त दिनों में से एक माना जा रहा है।
एवरेस्ट पर इतनी बड़ी संख्या में पर्वतारोहियों के पहुंचने से एक बार फिर “डेथ ज़ोन” में भीड़ और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई पर ऑक्सीजन की बेहद कमी होती है और वहां लंबी लाइन लगना जानलेवा साबित हो सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में पर्वतारोहियों की लंबी कतारें साफ दिखाई दे रही हैं। कई लोग इसे “आसमान में ट्रैफिक जाम” बता रहे हैं। इससे पहले भी एवरेस्ट पर भीड़ के कारण कई हादसे और मौतें हो चुकी हैं।
नेपाल सरकार हर साल बड़ी संख्या में पर्वतारोहण परमिट जारी करती है, जिससे पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा होता है। लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण पर्यावरण, कचरा प्रबंधन और पर्वतारोहियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एवरेस्ट पर चढ़ाई अब सिर्फ साहसिक अभियान नहीं, बल्कि एक बड़े व्यावसायिक उद्योग का रूप ले चुकी है। कई अनुभवहीन लोग भी भारी रकम खर्च कर अभियान में शामिल हो रहे हैं, जिससे जोखिम और बढ़ रहा है।
पर्वतारोहण गाइड्स का कहना है कि मौसम साफ होने पर अधिकतर टीमें एक ही समय में शिखर की ओर बढ़ती हैं। इसी वजह से ऊंचाई वाले हिस्सों में ट्रैफिक जैसी स्थिति बन जाती है।
फिलहाल, नेपाल प्रशासन पर्वतारोहियों की सुरक्षा और अभियान प्रबंधन को लेकर लगातार निगरानी बनाए हुए है। लेकिन रिकॉर्ड भीड़ ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि क्या एवरेस्ट पर चढ़ाई के नियमों को और सख्त करने की जरूरत है।

