एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर से होने जा रही है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस बड़े टूर्नामेंट के लिए टीम का ऐलान कर दिया है। इस बार टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव के हाथों में होगी और शुभमन गिल को उपकप्तान बनाया गया है।
चयनकर्ताओं ने 15 खिलाड़ियों की टीम चुनी है। इसमें से 8 ऐसे नाम हैं, जो पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। लेकिन कई खिलाड़ी, जिन्होंने हाल ही में दमदार प्रदर्शन किया था, उन्हें जगह नहीं मिल पाई।
आइए जानते हैं उन 5 खिलाड़ियों के बारे में, जिन्हें शानदार रिकॉर्ड के बावजूद टीम इंडिया में शामिल नहीं किया गया:
1. रवि बिश्नोई
युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई टी20 इंटरनेशनल में लगातार अच्छा खेल रहे हैं। उन्होंने अब तक 42 मैचों में 61 विकेट लिए हैं और उनकी गेंदबाजी की रैंकिंग दुनिया में 7वें नंबर पर है। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें एशिया कप टीम में शामिल नहीं किया।
2. श्रेयस अय्यर
श्रेयस अय्यर का बाहर होना सबसे चौंकाने वाला है। उन्होंने 51 टी20 मैचों में भारत के लिए 1100 से ज्यादा रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 136 और औसत करीब 31 का रहा है। आईपीएल में भी उनका रिकॉर्ड बेहतरीन रहा, लेकिन 2023 के बाद से उन्हें टीम इंडिया में जगह नहीं मिल पाई। अपने आखिरी टी20 मैच में उन्होंने अर्धशतक भी लगाया था।
3. यशस्वी जायसवाल
युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल ने टी20 इंटरनेशनल में शानदार शुरुआत की थी। उन्होंने 23 मैचों में 36 की औसत और 164 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। उनके नाम एक शतक और 5 अर्धशतक भी हैं। इसके बावजूद उन्हें एशिया कप के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया, जिससे कई फैन्स हैरान हैं।
4. मोहम्मद सिराज
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पिछले टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हिस्सा थे और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज और आईपीएल 2025 में भी उन्होंने शानदार गेंदबाजी की थी, खासकर पावरप्ले में। इसके बावजूद एशिया कप स्क्वाड में उनकी जगह नहीं बनी।
5. वॉशिंगटन सुंदर
ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर टी20 क्रिकेट में गेंद और बल्ले दोनों से अहम योगदान देते हैं। उन्होंने 54 मैचों में 48 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी सिर्फ 6.94 की रही। लोअर ऑर्डर में आकर वह रन भी बना सकते हैं। इसके बावजूद उन्हें एशिया कप टीम में शामिल नहीं किया गया।
टीम का ऐलान होते ही कई फैन्स और एक्सपर्ट्स सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को क्यों बाहर किया गया। हालांकि सेलेक्टर्स का मानना है कि एशिया कप जैसे छोटे टूर्नामेंट में संतुलित टीम चुनना जरूरी था।
अब देखना होगा कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में यह टीम कैसा प्रदर्शन करती है और क्या बाहर हुए खिलाड़ी भविष्य में वापसी कर पाएंगे।

